Shala Praveshotsav 2026 : शिक्षा केवल अंकों के लिए नहीं, संस्कार और राष्ट्र निर्माण का माध्यम – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव में बच्चों का किया स्वागत, नि:शुल्क पुस्तकें, गणवेश, बैग और साइकिल वितरित

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक लाना नहीं, बल्कि बच्चों में नैतिक मूल्यों, वैज्ञानिक सोच, सामाजिक संवेदनशीलता और राष्ट्रभावना का विकास करना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्कारित समाज, सशक्त राष्ट्र और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की सबसे मजबूत आधारशिला है।

शाला प्रवेशोत्सव में बच्चों का किया आत्मीय स्वागत

मुख्यमंत्री श्री साय ने दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, जामगांव (एम) में आयोजित राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव 2026-27 में पहली बार स्कूल आए नन्हे बच्चों का तिलक लगाकर और मुंह मीठा कराकर स्वागत किया। उन्होंने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने, बड़े सपने देखने और अपने ज्ञान व संस्कारों से प्रदेश एवं देश का नाम रोशन करने की प्रेरणा दी।

विद्यार्थियों को वितरित की शैक्षणिक सामग्री

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कक्षा पहली, छठवीं और नवमी के चयनित विद्यार्थियों को नि:शुल्क पाठ्य-पुस्तकें, गणवेश और स्कूल बैग वितरित किए। वहीं कक्षा नवमी की छात्राओं को साइकिल प्रदान कर उन्हें उच्च शिक्षा के लिए निरंतर आगे बढ़ने का संदेश दिया। राष्ट्रीय साधन सह प्रवीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा 2025-26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया।

आधुनिक और समावेशी शिक्षा व्यवस्था पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक और समावेशी बना रही है। विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, समय पर नि:शुल्क पुस्तक एवं गणवेश वितरण, अतिरिक्त पौष्टिक आहार, नियमित पालक-शिक्षक बैठक, न्योता भोज तथा भारतीय संस्कृति आधारित नवाचारों के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

अब प्रदेश का कोई विद्यालय शिक्षक विहीन नहीं

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि युक्तियुक्तकरण के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार किए गए हैं। आज प्रदेश का कोई भी विद्यालय शिक्षक विहीन नहीं है। दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर के जगरगुंडा जैसे क्षेत्रों में भी एजुकेशन हब विकसित किए जा रहे हैं, ताकि वहां के बच्चों को बड़े शहरों जैसी शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकें।

Amit sahu
Author: Amit sahu

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