रायगढ़ जिला जेल में बंदी की मौत पर बवाल, रिश्वत और मारपीट के आरोपों से गरमाया मामला

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परिजनों ने पुलिसकर्मियों पर 40 हजार रुपये रिश्वत लेने का लगाया आरोप, न्यायिक जांच की मांग, पोस्टमार्टम में देरी से बढ़ा तनाव

रायगढ़। जिला जेल में निरुद्ध बंदी संजय बघेल की तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में उपचार के दौरान हुई मौत का मामला रविवार को तूल पकड़ गया। परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग की। इस दौरान जिला प्रशासन और पुलिस को कई घंटों तक विरोध का सामना करना पड़ा।

एसपी कार्यालय पहुंचकर परिजनों का विरोध प्रदर्शन

सुबह बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण एसपी कार्यालय पहुंचे और कोतरा रोड थाने में पदस्थ पुलिसकर्मियों पर शराब रेड के दौरान 40 हजार रुपये रिश्वत लेने का आरोप लगाया। परिजनों ने मांग की कि दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जाए और पूरे मामले की न्यायिक जांच कराई जाए।

मेकाहारा अस्पताल में पोस्टमार्टम पर अड़े रहे परिजन

इसके बाद परिजन मेडिकल कॉलेज अस्पताल (मेकाहारा) पहुंचे और तब तक पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया जब तक कार्रवाई नहीं होती। इस दौरान मौके पर भीम आर्मी के सदस्य भी समर्थन में पहुंच गए, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया।

पुलिस पर अवैध वसूली और जेल में मारपीट के आरोप

परिजनों का आरोप है कि संजय बघेल और एक अन्य व्यक्ति को शराब परिवहन के मामले में रोका गया था। इस दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा डेढ़ लाख रुपये की मांग की गई और 40 हजार रुपये लेने के बाद एक युवक को छोड़ दिया गया, जबकि संजय बघेल को जेल भेज दिया गया।

परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि जेल में उसके साथ मारपीट हुई, जिससे उसकी मौत हुई है।

प्रशासन ने दिया न्यायिक जांच का आश्वासन

एडिशनल एसपी अनिल सोनी ने परिजनों को आश्वस्त किया कि मामले की न्यायिक जांच कराई जाएगी और जिन पुलिसकर्मियों पर आरोप लगाए गए हैं, उन्हें लाइन अटैच कर दिया गया है। हालांकि परिजन शुरुआत में पोस्टमार्टम कराने को तैयार नहीं थे।

मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में हुआ पोस्टमार्टम

काफी समझाइश के बाद और न्यायिक जांच के आश्वासन के बाद परिजन पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए। जेएमएफसी न्यायाधीश अजय लकड़ा की उपस्थिति में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई और बाद में शव परिजनों को सौंप दिया गया।

भीम आर्मी का प्रदर्शन, थाने का घेराव

इस मामले को लेकर भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने भी पुलिस अधीक्षक कार्यालय और मेडिकल कॉलेज अस्पताल में विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए कोतरा रोड थाने का घेराव भी किया। बाद में डीएसपी सुशांती बनर्जी ने समझाइश देकर स्थिति को शांत कराया।

स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में

पूरे घटनाक्रम के दौरान एसपी कार्यालय और अस्पताल परिसर में भारी भीड़ और तनाव की स्थिति बनी रही, हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश के बाद मामला शांत कराया गया।

Amit sahu
Author: Amit sahu

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