रायगढ़। रायगढ़ शहर में चिकन-मटन दुकानों से निकलने वाले कचरे के सही निस्तारण को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आ रही है। शहर के प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों से निकल रहा अपशिष्ट सीधे नालों के जरिए केलो नदी में मिल रहा है, जिससे पर्यावरण और निस्तारी जल दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
तीन प्रमुख क्षेत्रों में सबसे ज्यादा समस्या
जानकारी के अनुसार केवड़ाबाड़ी चौक, जूट मिल पुराना बस स्टैंड और चक्रधर नगर रेलवे क्रॉसिंग क्षेत्र में मांस की दुकानों की संख्या अधिक है। इन्हीं क्षेत्रों से निकलने वाला खून, अपशिष्ट और गंदा पानी सीधे नालों में बहकर नदी तक पहुंच रहा है।
नाले में फेंका जा रहा अपशिष्ट
केवड़ाबाड़ी चौक क्षेत्र में कई दुकानदार कचरे को नालों के किनारे ही फेंक रहे हैं। इससे वहां गंदगी और बदबू का माहौल बना हुआ है तथा चील और गिद्धों की भीड़ देखी जा रही है।
एसटीपी व्यवस्था पर भी सवाल
शहर में करोड़ों रुपये की लागत से बनाए गए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के बावजूद सभी नालों का पानी वहां तक नहीं पहुंच पा रहा है। कई नाले सीधे केलो नदी में मिल रहे हैं, जिससे गंदा पानी बिना शोधन के नदी में जा रहा है।
कचरा प्रबंधन नियमों की अनदेखी
मांस दुकानों के लिए अलग कचरा प्रबंधन व्यवस्था और डिस्पोजल नियम निर्धारित हैं, लेकिन शहर में इसका पालन नहीं हो रहा है। नगर निगम द्वारा सामान्य कचरे की तरह ही इसका उठाव किया जा रहा है।
निगरानी और कार्रवाई की कमी
स्थानीय स्तर पर निगरानी की कमी के चलते स्थिति लगातार बिगड़ रही है। विशेषज्ञों के अनुसार यदि समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो नदी और पर्यावरण दोनों पर गंभीर असर पड़ सकता है।
शहरवासियों में चिंता
स्थानीय नागरिकों ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए कचरा प्रबंधन व्यवस्था को सख्ती से लागू करने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।















































