काशी विश्वनाथ धाम में अब दिखेगा ‘वैदिक समय’, सूर्योदय के आधार पर समय, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त बताएगी घड़ी

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वाराणसी: बाबा विश्वनाथ के धाम में अब वैदिक घड़ी पंचांग की सटीक जानकारी देगी. यह घड़ी सूर्योदय के आधार पर न सिर्फ समय बताएगी, बल्कि ग्रह-नक्षत्र और चंद्रमा की स्थिति को भी बताएगी. इस अनूठी वैदिक घड़ी की शुरुआत रविवार को बाबा के पवित्र धाम में आधिकारिक रूप से हो चुकी है.

इस वैदिक घड़ी को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने काशी विश्वनाथ न्यास परिषद को उपहार स्वरूप भेंट किया था.

सीएम मोहन यादव ने दिया गिफ्ट: वाराणसी में तीन दिवसीय महाराज विक्रमादित्य नाट्यमंचन किया गया था, जिसकी शुरुआत यूपी और एमपी के मुख्यमंत्रियों ने 3 अप्रैल को की थी. इसी कार्यक्रम के दौरान सीएम मोहन यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को यह वैदिक विक्रमादित्य घड़ी समर्पित की थी. शनिवार को इस घड़ी को मंदिर के विशाल परिसर में स्थापित किया गया था, जिसे सभी तकनीकी जांच के बाद रविवार से संचालित कर दिया गया है. मंदिर के सीईओ विश्व भूषण मिश्रा ने बताया कि इसे महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ, मध्य प्रदेश शासन ने तैयार किया है.

भारतीय काल गणना की पुनर्स्थापना: यह घड़ी पहले मंदिर के शंकराचार्य चौक पर स्थापित की गई थी और आज मंगला आरती के पश्चात इसे जनसामान्य के लिए शुरू किया गया. यह एक आधुनिक डिजिटल घड़ी है, जो विक्रम संवत, पंचांग, नक्षत्र और शुभ मुहूर्त की विस्तृत जानकारी डिजिटल स्क्रीन पर दिखाए. इसका एक विशेष मोबाइल ऐप भी विकसित किया गया है, जिसके जरिए दुनिया भर के लोग इसे देख सकेंगे. अधिकारियों के अनुसार, यह घड़ी भारतीय काल गणना की महान परंपरा को पुनर्जीवित करने का एक सार्थक प्रयास है.

उज्जैन से काशी तक का सफर: इस विशेष वैदिक घड़ी का विकास कार्य साल 2013 में शुरू हुआ था. 2020 में इसका जटिल गणितीय फॉर्मूला तैयार किया गया. साल 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्जैन में इस घड़ी के बड़े स्वरूप का उद्घाटन किया था. अब वाराणसी के विश्वनाथ धाम में इसकी स्थापना से भारतीय संस्कृति और विज्ञान का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है. बाबा के दरबार से निकलने वाली इस घड़ी की ‘टिक-टिक’ अब पूरी दुनिया को प्राचीन भारतीय समय चक्र से परिचित कराएगी.

Amit sahu
Author: Amit sahu

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