रायगढ़-सक्ती। सक्ती जिले के Vedanta Power Plant में बॉयलर ट्यूब फटने से हुए भीषण हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर अब 17 हो गई है। इस हादसे में देश के विभिन्न राज्यों के मजदूरों की मौत होने से मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है।
मौके पर 5 की मौत, बाकी ने अस्पताल में तोड़ा दम
हादसे के समय घटनास्थल पर ही 5 मजदूरों की मौत हो गई थी, जबकि अन्य घायलों ने इलाज के दौरान अलग-अलग अस्पतालों में दम तोड़ दिया। कई मजदूर गंभीर रूप से झुलसे हुए हैं, जिनका उपचार जारी है।
बिहार, झारखंड, यूपी, बंगाल समेत कई राज्यों के श्रमिक शामिल
मृतकों में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के मजदूर शामिल हैं। यह हादसा अंतरराज्यीय श्रमिकों के लिए बड़ा झटका साबित हुआ है।
परिजनों का आरोप—प्रबंधन ने नहीं दी समय पर जानकारी
मृतकों के परिजनों ने प्लांट प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हादसे के बाद उन्हें सही जानकारी नहीं दी गई। कई परिवारों को अपने परिजनों की तलाश में अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़े। उनका कहना है कि प्रबंधन ने सीधे संवाद करने के बजाय पुलिस के माध्यम से केवल मुआवजे की बात कही।
मुआवजे की घोषणा, लेकिन नाराजगी बरकरार
हालांकि प्रशासन और कंपनी की ओर से सहायता राशि की घोषणा की गई है, लेकिन परिजन इससे संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी के कारण उनका आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
प्रशासन का आश्वासन—उच्च स्तरीय जांच होगी
जिला प्रशासन ने इस घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए कहा है कि पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता दी जाएगी। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही घायलों के इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होने देने की बात कही गई है।
औद्योगिक सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस भीषण हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और जिम्मेदारों पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है।














































