बॉक्स ऑफिस पर सफलता के बीच ‘धुरंधर-2’ की फुल मूवी यूट्यूब पर उपलब्ध करा दी गई थी. हालांकि मेकर्स ने इस पर एक्शन लिया है.
हैदराबाद: ‘धुरंधर: द रिवेंज’ बॉक्स ऑफिस पर अपनी जबरदस्त कमाई जारी रखे हुए है. रिलीज से पहले डायरेक्टर आदित्य धर ने दर्शकों से फिल्म को पायरेट न करने या स्पॉइलर शेयर न करने की अपील की, और इस बात पर जोर दिया कि फिल्म को “किसी के फोन पर धुंधली इमेज में” नहीं देखा जाना चाहिए. इन सब के बावजूद यह फिल्म पायरेसी की शिकार हो गई और इस बार यह यूट्यूब अपलोड्स से जुड़ी है.
कई यूट्यूब चैनल पर 3 घंटे और 49 मिनट लंबी फिल्म का पायरेटेड वर्शन अपलोड कर दिया गया. लीक के बाद, कई यूजर्स ने सोशल मीडिया पर डायरेक्टर आदित्य धर को टैग किया और उनसे कंटेंट की रिपोर्ट करने और यूट्यूब से इसे हटाने की रिक्वेस्ट की.
एक एक्स हैंडल यूजर ने ट्वीट करते हुए फिल्म मेकर को फिल्म की पायरेसी के बारे में जानकारी देते हुए लिखा है, ‘आदित्य धर यामी गौतम धुरंधर 2 यूट्यूहब पर अपलोड हो गई है. प्लीज यूट्यूब से शिकायत करें. मैं सच में चाहता हूं कि यह फिल्म कम से कम 3000 करोड़ पार करे. मुझे कहानी और सिनेमैटोग्राफी बहुत पसंद आई. आखिरी सीन देखकर रो पड़ा.’
एक और ने लिखा, ‘आदित्य धर सर, प्लीज यूट्यूब चेक करें; धुरंधर 2 लगभग अपलोड हो गई है. कुछ जलने वाले लोग थिएटर रन पर असर डालने की कोशिश कर रहे हैं. प्लीज इसे यूट्यूब से हटा दें. भारत माता की जय.’
एक दूसरे यूजर ने धुरंधर-2 की फुल मूवी का लिंक शेयर करते हुए लिखा है, ‘जिओ स्टूडियो, B62 स्टूडियो, आदित्य धर यहां धुरंधर 2 पूरी फिल्म यूट्यूब पर अपलोड की गई है. प्लीज एक्शन लें.’
लोगों के गुस्से के बाद वीडियो को तुरंत प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लोगों से गुजारिश है कि अगर उन्हें ऑनलाइन ऐसा कोई पायरेटेड कंटेंट दिखे, तो वे प्लेटफॉर्म पर इसकी रिपोर्ट करें और अधिकारियों को बताएं. कॉपीराइट एक्ट, 1957 के तहत भारत में फिल्मों की पायरेसी गैर-कानूनी है, जो क्रिएटर्स और प्रोड्यूसर्स के अधिकारों की रक्षा करता है. बिना इजाज़त के पायरेटेड फिल्मों को डाउनलोड करना, शेयर करना या अपलोड करना एक क्रिमिनल ऑफेंस है.
जो लोग मूवी पायरेसी करते हुए पकड़े जाते हैं, उन्हें सिविल पेनल्टी का सामना करना पड़ सकता है, जिसमें कॉपीराइट होल्डर को जुर्माना और मुआवजा देना शामिल है, साथ ही 3 साल तक की जेल, 2 लाख रुपये तक का जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं. बार-बार गलती करने वालों को और भी सख्त सजा मिल सकती है.















































