रायपुर, : छत्तीसगढ़ में भूमि की गाइडलाइन दरों के सरलीकरण और यथार्थपरक संशोधन को लेकर रियल एस्टेट सेक्टर और आम नागरिकों में उत्साह का माहौल है। रायपुर और कोरबा जिलों के लिए जारी नई भूमि गाइडलाइन को जनहितकारी बताते हुए छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन (क्रेडाई) सहित विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों ने वित्त मंत्री ओपी चौधरी से रायपुर स्थित उनके शासकीय निवास पर सौजन्य मुलाकात कर आभार व्यक्त किया।
रियल एस्टेट क्षेत्र ने जताया संतोष
क्रेडाई ने वित्त मंत्री ओपी चौधरी का सम्मान किया और कहा कि संशोधित भूमि गाइडलाइन दरें रियल एस्टेट सेक्टर और आम जनता की व्यावहारिक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए यथार्थपरक एवं संतुलित तय की गई हैं। इससे मकान, प्लॉट और अन्य अचल संपत्तियों के लेन-देन में पारदर्शिता बढ़ेगी और आम नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
इस अवसर पर क्रेडाई के अध्यक्ष मयंक आहुजा, सचिव विक्रांत डोसी, कोषाध्यक्ष दीपक जैन और राज्य सलाहकार समिति के सदस्य हेमंत सेठिया, गुरुदास सत्रे, योगेश बोथरा, विनोद छिपा, मनोज महंती, संजय निलांजने, महेन्द्र आहूजा, विनोद क्षेतीजा, संजय नारवानी और हेमंत सेवलानी उपस्थित रहे।
जनप्रतिनिधियों का समर्थन और उम्मीदें
प्रतिनिधियों ने कहा कि नई भूमि गाइडलाइन से जमीन की दरों में संतुलन स्थापित होगा, जिससे मध्यम वर्ग, किसान, व्यापारी और आम नागरिक लाभान्वित होंगे। विशेष रूप से आवास, व्यवसाय और औद्योगिक निवेश से जुड़े कार्य अब और अधिक सुगम और स्पष्ट होंगे।
वित्त मंत्री का दृष्टिकोण
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार का प्राथमिक लक्ष्य विकास की गति बढ़ाते हुए आमजन के हितों की रक्षा करना है। भूमि गाइडलाइन का निर्धारण व्यापक विचार-विमर्श, स्थानीय परिस्थितियों और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए किया गया है, ताकि निवेश प्रोत्साहित हो और जनता पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में सभी नीतिगत निर्णयों में जनहित सर्वोपरि रहेगा।
अर्थव्यवस्था और रोजगार पर प्रभाव
प्रतिनिधिमंडलों और एसोसिएशन ने विश्वास जताया कि इस निर्णय से रियल एस्टेट क्षेत्र में नई ऊर्जा आएगी, निवेशकों का विश्वास मजबूत होगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और छत्तीसगढ़ के समग्र आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।










































