सचिन तेंदुलकर का इंतजार, बच्चों के साथ मनाएंगे जन्मदिन, छिंदनार के बच्चे उत्साहित

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दंतेवाड़ा: क्रिकेट के भगवान, भारत रत्न महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर दंतेवाड़ा दौरे पर आ रहे हैं. दंतेवाड़ा जिले के बच्चों को क्रिकेट के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए उनके फाउंडेशन द्वारा गांव-गांव में क्रिकेट मैदान बनाया जा रहा है.

दंतेवाड़ा जिले के बच्चे, सचिन तेंदुलकर के दौरे को लेकर बेहद उत्साहित हैं. बच्चों का कहना है कि वे इस बात से बेहद खुश हैं कि सचिन उनके साथ वक्त बिताएंगे.

सचिन सर आ रहे हैं. हम बहुत खुशी है. उन्होंने प्ले ग्राउंड भी बनाया है, पहले हम खेलने के लिए गीदम जाते थे- पायल ठाकुर, स्टूडेंट

क्रिकेट के भगवान आज आ रहे हैं. हम बहुत खुश हैं. मैं बता नहीं सकता कि हम सभी को कितनी खुशी हो रही है. उन्होंने टीम इंडिया के लिए खेलते हुए इतिहास रचा है-सीताराम पुनेम, स्टूडेंट

बहुत खुशी हो रही है कि सचिन हमारे छोटे से गांव में आ रहे हैं-अमित कुमार, स्टूडेंट

दो दिन बाद यानि 24 अप्रैल को सचिन तेंदुलकर का जन्मदिन भी है. बताया जा रहा है कि वे छिन्दनार के आदिवासी बच्चों के साथ केक काटकर सपरिवार अपना जन्मदिन भी मनाएंगे.

मड्डाराम से भी मिलेंगे सचिन तेंदुलकर

अपने बस्तर दौरे पर सचिन तेंदुलकर छिंदनार, जावंगा और पनेड़ा में नए खेल मैदानों का उद्घाटन करेंगे. सचिन तेंदुलकर यहां एक खास खिलाड़ी से भी मुलाकात करेंगे जिसका नाम मड्डाराम है. बीते दिनों दंतेवाड़ा जिले के बेंगुलुरू गांव के छात्र मड्डाराम का क्रिकेट खेलते हुए एक वीडियो वायरल हुआ था. वायरल वीडियो में दिव्यांग छात्र मड्डाराम रन लेने के लिए अपनी दौड़ लगा रहा था. मड्डाराम की क्रिकेटिंग स्किल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. उस वीडियो को सचिन तेंदुलकर ने भी देखा और मड्डाराम को ट्वीट कर उसकी हौसला अफजाई की.

सचिन की फैमिली ने किया था बिलासपुर का दौरा

बीते दिनों सचिन की फैमिली ने बिलासपुर का दौरा किया था. बम्हनी गांव का दौरा कर परिवार ने यहां चल रहे स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया था. परिवार ने यहां फुलवारी केंद्र में आए बच्चों को न सिर्फ अपने हाथों से खाना खिलाया बल्कि उनके साथ खेला भी. फुलवारी प्रोजेक्ट से जुड़े लोगों ने तब बताया कि सचिन तेंदुलकर का फाउंडेशन और उनका परिवार सामाजिक सरोकार के मुद्दों से जुड़ा हुआ है. उनका फाउंडेशन ग्रामीण विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे विषयों पर काम कर रहा है. छत्तीसगढ़ के मुंगेली, खासकर बम्हनी और गनियारी गांव में फुलवारी प्रोजेक्ट पर उनकी खास दिलचस्पी है. उसी की जमीनी हकीकत देखने के लिए वो यहां आए थे.

Amit sahu
Author: Amit sahu

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