रायगढ़ में निवेशकों से बड़े रिटर्न का लालच देकर जुटाई करोड़ों की रकम
रायगढ़ के रायगढ़ में शेयर मार्केट ट्रेडिंग और निवेश के नाम पर 13 से अधिक लोगों से 1 करोड़ 77 लाख 10 हजार रुपये की ठगी करने वाले फरार आरोपी विश्वजीत देवनाथ को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से फरार था, जिसे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चल रहे “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत जिला जांजगीर-चांपा से दबोचा गया।
6% मासिक ब्याज और 10% मूलधन वापसी का देता था झांसा
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी निवेशकों को हर महीने 6 प्रतिशत ब्याज और 10 प्रतिशत मूलधन वापसी का भरोसा देकर रकम निवेश करवाता था। वर्ष 2022 में दरोगापारा निवासी संजय मिश्रा से उसकी मुलाकात हुई, जहां उसने खुद को एलईडी बल्ब मैन्युफैक्चरिंग और शेयर ट्रेडिंग व्यवसाय से जुड़ा बताया। भरोसा दिलाने के लिए शुरुआती दौर में निवेशकों को समय पर भुगतान भी किया गया।
भरोसा जीतकर बढ़ाया नेटवर्क, कई लोग बने शिकार
शुरुआती भुगतान मिलने से लोगों का विश्वास बढ़ता गया और निवेश की राशि भी बढ़ती गई। जांच में संजय मिश्रा समेत विकास साहू, राकेश मनहर, रितेश साव, देव कश्यप, सुनील पाणिग्रही, शिशुपाल, कृष्णा पांडे, कृष्णा द्विवेदी, राकेश सरकार, लोचन पटेल, मनिल गुप्ता और अजय वर्मा सहित कई निवेशकों के नाम सामने आए। सभी से मिलाकर आरोपी ने 1.77 करोड़ रुपये जुटाए।
डीमैट खाते की जानकारी से खुला फर्जीवाड़ा
मामले का खुलासा तब हुआ जब निवेशकों को शेयर बाजार में ट्रेडिंग प्रक्रिया की जानकारी मिली। उन्हें पता चला कि वैध ट्रेडिंग के लिए डीमैट खाता अनिवार्य होता है। जब आरोपी से संबंधित दस्तावेज मांगे गए तो वह कोई वैध रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद निवेशकों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
चांपा कनेक्शन से मिला सुराग, पुलिस ने दबिश देकर पकड़ा
कोतवाली पुलिस को जांच के दौरान पता चला कि आरोपी के खिलाफ थाना चांपा में भी धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। थाना प्रभारी निरीक्षक सुखनंदन पटेल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने चांपा पुलिस के सहयोग से कार्रवाई कर आरोपी को हिरासत में लिया। उसे रायगढ़ लाकर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
बैंक खातों और निवेश नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह लोगों की रकम विभिन्न बैंक खातों और ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए शेयर बाजार में लगाता था। उसका दावा है कि मई 2025 के बाद शेयर बाजार में भारी नुकसान के कारण वह रकम वापस नहीं कर सका। फिलहाल पुलिस उसके बैंक खातों, ट्रेडिंग रिकॉर्ड और संभावित सहयोगियों की जांच कर रही है।
एसएसपी की अपील— निवेश से पहले पूरी जांच करें
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी वैधता, दस्तावेज और निवेश प्रक्रिया की पूरी जांच अवश्य करें। किसी भी संदिग्ध निवेश योजना या साइबर ठगी की सूचना 1930 साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाने में दें।















































