रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लोकसभा में पारित हुए लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 का स्वागत किया है। उन्होंने इसे देश के करोड़ों युवाओं के सुरक्षित भविष्य, ईमानदार प्रतिभा और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी कदम बताया।
परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करेगा संशोधन
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं युवाओं की वर्षों की मेहनत, उम्मीदों और विश्वास का आधार होती हैं। प्रश्नपत्र लीक, नकल माफिया और संगठित परीक्षा अपराध जैसी गतिविधियां योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय करती हैं और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को प्रभावित करती हैं। इस संशोधन से ऐसे अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित होगी।
परीक्षा माफिया पर होगी सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि संशोधन विधेयक के माध्यम से परीक्षा संबंधी अपराधों के खिलाफ दंडात्मक प्रावधानों को और कठोर बनाया गया है। इससे परीक्षा माफिया, संगठित गिरोहों और अनियमितताओं में शामिल लोगों पर कानूनी कार्रवाई का रास्ता मजबूत होगा।
उन्होंने कहा कि परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों और सेवा प्रदाताओं की जवाबदेही बढ़ने से पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनेगी।
युवाओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार युवाओं के हितों को लगातार प्राथमिकता दे रही है। नई शिक्षा नीति, कौशल विकास, रोजगार सृजन, डिजिटल पारदर्शिता और अब परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाने की दिशा में यह संशोधन युवाओं के भविष्य को मजबूत करने वाला कदम है।
उन्होंने कहा कि इस कानून से मेहनती और प्रतिभाशाली युवाओं का विश्वास बढ़ेगा तथा निष्पक्ष चयन प्रक्रिया को नई मजबूती मिलेगी।















































