बहुमंजिला भवनों, मॉल, अस्पतालों और कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा मानकों की होगी सख्त जांच
रायगढ़। देशभर में हाल ही में हुए आगजनी हादसों के बाद अब छत्तीसगढ़ सरकार ने फायर सेफ्टी व्यवस्था को लेकर बड़ा कदम उठाया है। रायगढ़ सहित सभी जिलों में अगले 7 दिनों के भीतर बहुमंजिला भवनों और सार्वजनिक स्थलों की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि कई शहरों में भवन निर्माण के दौरान फायर सेफ्टी मानकों की अनदेखी की जा रही है, जिससे गंभीर हादसे हो रहे हैं।
किन-किन स्थानों की होगी जांच
जारी निर्देशों के अनुसार नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्रों में स्थित—
- बहुमंजिला भवन
- शॉपिंग मॉल
- कोचिंग संस्थान
- लाइब्रेरी
- होटल और हॉस्टल
- अस्पताल और नर्सिंग होम
इन सभी स्थानों में फायर सेफ्टी मानकों की जांच अनिवार्य रूप से की जाएगी।
फायर सेफ्टी मानकों की अनदेखी पर चिंता
आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि कई भवनों में न तो पर्याप्त फायर उपकरण हैं और न ही मानक अनुसार निर्माण किया गया है।
अधिकारियों के अनुसार आग से सुरक्षा के लिए—
- फायर अलार्म और स्मोक डिटेक्टर
- फायर फाइटिंग सिस्टम
- कार्यशील अग्निशामक यंत्र (एक्सपायरी जांच सहित)
- सुरक्षित और बड़े एग्जिट/निर्गम द्वार
- नियमित वायरिंग और इलेक्ट्रिकल जांच
जैसे मानकों का पालन अनिवार्य है।
NOC और निरीक्षण व्यवस्था पर सवाल
नियमों के अनुसार हर बहुमंजिला भवन के लिए फायर विभाग से एनओसी (NOC) लेना आवश्यक होता है, लेकिन कई जगह बिना उचित निरीक्षण के ही एनओसी जारी होने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
कई शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और कोचिंग संस्थानों के पास फायर एनओसी नहीं होने की बात भी जांच के दायरे में है।
सात दिनों में रिपोर्ट अनिवार्य
सरकार ने सभी स्थानीय निकायों को निर्देश दिए हैं कि 7 दिनों के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें और जहां भी खामियां मिलें, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाए।
प्रशासन का कहना है कि यह अभियान लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और संभावित हादसों को रोकने के लिए बेहद जरूरी है।















































