नई दिल्ली। नीट-यूजी (NEET-UG) री-एग्जाम से पहले मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम को बड़ा झटका लगा है। दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार द्वारा लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को सही ठहराते हुए इसे हटाने से इनकार कर दिया है। यह प्रतिबंध परीक्षा की सुरक्षा और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से लगाया गया था।
सरकार का फैसला पूरी तरह उचित: हाईकोर्ट
सुनवाई के दौरान जस्टिस तेजस करिया ने कहा कि सरकार का यह कदम पूरी तरह जायज और तर्कसंगत है। कोर्ट ने माना कि परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए यह एक जरूरी निवारक (preventive) उपाय है और इसे जल्दबाजी में लिया गया निर्णय नहीं कहा जा सकता।
सरकार ने दी मजबूत दलील
केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत में कहा कि टेलीग्राम का इस्तेमाल पेपर लीक और संगठित नकल गिरोहों द्वारा किया जा रहा था। उन्होंने बताया कि यह कदम सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69A के तहत पूरी प्रक्रिया का पालन करते हुए उठाया गया है।
टेलीग्राम की याचिका खारिज
टेलीग्राम की ओर से दलील दी गई थी कि पूरे प्लेटफॉर्म को बैन करना अनुचित है, लेकिन अदालत ने इसे अस्वीकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि सीमित अवधि का यह प्रतिबंध उचित है और इससे छात्रों के हितों की रक्षा होती है।
सिर्फ 5 दिनों का अस्थायी प्रतिबंध
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह प्रतिबंध केवल पांच दिनों के लिए है, इसलिए इसे अत्यधिक या असंगत नहीं माना जा सकता। अदालत ने सरकार के फैसले को बरकरार रखते हुए टेलीग्राम की याचिका खारिज कर दी।कोर्ट के इस फैसले के बाद परीक्षा से पहले सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त माना जा रहा है, जबकि सरकार ने इसे छात्रों के हित में लिया गया जरूरी कदम बताया है।















































