रायगढ़। जिले में जून का आधा महीना बीत जाने के बाद भी मानसून की सक्रियता नहीं दिख रही है, जिससे किसान वर्ग में चिंता गहराती जा रही है। वर्षा पर निर्भर खेती-किसानी इस बार शुरुआती दौर में ही पिछड़ती नजर आ रही है।
सामान्य से 32% ही बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष 1 जून से 17 जून तक जिले में केवल 16.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि पिछले 10 वर्षों का औसत 50.6 मिमी रहा है। यानी इस बार अब तक सामान्य का केवल लगभग एक तिहाई ही वर्षा हुई है।
खरीफ फसल पर संकट
धान की खेती के लिए मानसून का इंतजार कर रहे किसानों की चिंता बढ़ गई है। मौसम विभाग ने इस वर्ष सामान्य से लगभग 10% कम बारिश का अनुमान जताया है, जिससे खरीफ फसल प्रभावित होने की आशंका है।
कई क्षेत्रों में बेहद कम बारिश
जिले में स्थिति और भी गंभीर दिख रही है—
- घरघोड़ा ब्लॉक में इस अवधि में शून्य बारिश दर्ज
- धरमजयगढ़ में केवल 8.5 मिमी
- खरसिया में 5.7 मिमी वर्षा दर्ज की गई है
जबकि कापू क्षेत्र में सबसे अधिक 58.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई है।
किसानों में बढ़ी चिंता
बारिश की कमी से धान की बुवाई और खेती की तैयारियां प्रभावित हो रही हैं। किसान समय पर मानसून सक्रिय न होने से भारी नुकसान की आशंका जता रहे हैं।
अल नीनो का असर संभव
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस वर्ष अल नीनो जैसी स्थिति बनने की संभावना है, जिससे मानसून कमजोर पड़ सकता है। यदि ऐसा होता है तो बारिश में और कमी आ सकती है।
मानसून की धीमी रफ्तार ने जिले के कृषि कार्यों को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। अब सभी की नजरें आने वाले दिनों की बारिश पर टिकी हैं, जिससे किसानों को राहत मिल सके।















































