लेह/लद्दाख। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों के अनशन के बाद अपने गृह राज्य लद्दाख लौटने पर आलोचकों को जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि किसी भी मुद्दे पर लोगों की सोच संतुलित होनी चाहिए। यदि कोई बात गलत है तो उसका विरोध होना चाहिए, लेकिन जो अच्छा काम हो, उसकी सराहना भी की जानी चाहिए।
वंदे भारत और रेल परियोजना की की थी सराहना
अनशन समाप्त होने के बाद अस्पताल से छुट्टी मिलने पर सोनम वांगचुक ने पहली बार दिल्ली से श्रीनगर तक वंदे भारत ट्रेन से यात्रा की थी। यात्रा के बाद उन्होंने भारतीय रेलवे और कश्मीर तक रेल पहुंचाने वाली इंजीनियरिंग परियोजना की प्रशंसा की थी तथा इसे गर्व का विषय बताया था।
बयान के बाद सोशल मीडिया पर हुई आलोचना
वंदे भारत ट्रेन और रेलवे परियोजना की तारीफ के बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने उनकी आलोचना की। आलोचकों ने इसे केंद्र सरकार की प्रशंसा के रूप में देखा, जिसके बाद इस मुद्दे पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
वीडियो जारी कर दिया जवाब
लद्दाख पहुंचने के बाद जारी एक वीडियो में सोनम वांगचुक ने कहा कि कुछ लोग उनकी रेलवे संबंधी टिप्पणी से नाराज थे। उन्होंने कहा कि “सोच इतनी छोटी नहीं होनी चाहिए। गलत को गलत कहना चाहिए, लेकिन अगर कोई अच्छा काम हुआ है तो उसकी तारीफ भी करनी चाहिए।”
उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी मुद्दे का मूल्यांकन राजनीतिक नजरिए से नहीं, बल्कि उसके वास्तविक प्रभाव और गुणवत्ता के आधार पर किया जाना चाहिए।















































