Mahanadi Flood Sarangarh : महानदी के उफान से सरिया क्षेत्र में बाढ़ का खतरा, एक दर्जन से अधिक गांव प्रभावित

SHARE:

सारंगढ़-बिलाईगढ़। प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण महानदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के सरिया क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। महानदी के बढ़ते जलस्तर से तटवर्ती क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांव प्रभावित हुए हैं, वहीं हजारों एकड़ में लगी धान, मक्का और सब्जी की फसल जलमग्न हो गई है। प्रसिद्ध धार्मिक स्थल पोरथ धाम का स्वयंभू शिव मंदिर भी बाढ़ के पानी से घिर गया है।

कई गांव चारों ओर से पानी से घिरे

जानकारी के अनुसार शुक्रवार से महानदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिसके बाद तटवर्ती गांवों में बाढ़ का पानी फैलने लगा। प्रभावित गांवों में तोरा, ठेंगागुड़ी, लिप्ती, रैबो, पोरथ, कोर्रा, रानीडीह, सूरजगढ़, सुरसी, परसरामपुर, नदीगांव, रतनपाली, छोटे नवापारा और बोरिदा सहित कई गांव शामिल हैं।

हालांकि अभी तक किसी गांव में पूरी तरह पानी प्रवेश नहीं किया है, लेकिन कई गांव चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

फसल डूबने से किसानों की बढ़ी चिंता

बाढ़ के कारण खेतों में पानी भरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों के अनुसार हाल ही में धान की रोपाई पूरी हुई थी और फसलों में खाद का उपयोग भी किया गया था। लंबे समय तक खेतों में पानी जमा रहने से फसल खराब होने की आशंका है।

ग्राम तोरा सहित आसपास के क्षेत्रों में धान के साथ-साथ मक्का और सब्जी की फसल भी प्रभावित हुई है। किसानों ने बताया कि इससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

प्रशासन ने जारी किया अलर्ट

बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित गांवों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील की है। पंचायत प्रतिनिधि, सचिव, कोटवार और स्थानीय अधिकारी लगातार क्षेत्र की निगरानी कर रहे हैं।

जनपद पंचायत बरमकेला के अधिकारियों ने तटीय गांवों के कर्मचारियों और पंचायत प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों की समीक्षा की है।

मंत्री ओपी चौधरी ने की सतर्क रहने की अपील

क्षेत्रीय विधायक एवं प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने महानदी प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रभावित क्षेत्रों में हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

उन्होंने बताया कि हीराकुंड बांध के गेट खोले जाने और छत्तीसगढ़-ओडिशा प्रशासन के बीच समन्वय के माध्यम से जलस्तर की स्थिति पर लगातार निगरानी की जा रही है।

नदी किनारे नहीं जाने की अपील

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी किनारे जाने से बचें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन को सूचना दें। जलस्तर बढ़ने की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों को और तेज किया जाएगा।

Amit sahu
Author: Amit sahu

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई