रायगढ़। जिले में राजस्व सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने सभी तहसील कार्यालयों को अगले तीन माह के भीतर स्मार्ट राजस्व कार्यालय के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू कर दी है। इस संबंध में मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
लंबित प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण के निर्देश
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देशानुसार आयोजित बैठक में राजस्व विभाग से जुड़े लंबित प्रकरणों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी मामलों का गुणवत्तापूर्ण एवं निर्धारित समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
स्मार्ट राजस्व कार्यालयों में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
बैठक में अपर कलेक्टर रवि राही ने बताया कि स्मार्ट राजस्व कार्यालयों में रंग-रोगन, स्वच्छ परिसर, सुव्यवस्थित साइन बोर्ड, एलईडी डिस्प्ले, पेयजल, प्रतीक्षालय, छायादार व्यवस्था सहित नागरिकों की सुविधा के लिए आवश्यक आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। कार्यालयों को अधिक व्यवस्थित और जनहितैषी बनाया जाएगा।
सेवा वितरण होगा अधिक पारदर्शी
अपर कलेक्टर ने अधिकारियों को प्रत्येक कार्यालय में राजस्व सेवाओं की स्पष्ट कार्यप्रणाली विकसित करने के निर्देश दिए। आम नागरिकों की सुविधा के लिए विभिन्न सेवाओं का स्टैंडर्ड फॉर्मेट तैयार किया जाएगा, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो और निर्धारित समय-सीमा में सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
कर्मचारियों को मिलेगा प्रशिक्षण
राजस्व सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए कार्यालयीन कर्मचारियों के क्षमता विकास हेतु नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे सेवा वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाया जा सके।















































