रायगढ़। थाना चक्रधरनगर क्षेत्र के ग्राम नवापाली में जनवरी 2024 में हुए चर्चित Navapali Hatyakand मामले में रायगढ़ पुलिस की सशक्त विवेचना और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। षष्ठम अपर सत्र न्यायाधीश अश्वनी कुमार चतुर्वेदी की अदालत ने 22 जुलाई 2026 को आरोपी हरिलाल खड़िया (30) निवासी मांझापारा, बड़े अतरमुड़ा, थाना चक्रधरनगर को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी करार देते हुए आजीवन सश्रम कारावास एवं नियमानुसार अर्थदंड से दंडित किया।
पीड़ित परिवार को मिलेगी ₹1 लाख की क्षतिपूर्ति
न्यायालय ने छत्तीसगढ़ शासन की पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना के तहत मृतक के परिजनों को ₹1 लाख की क्षतिपूर्ति प्रदान किए जाने की भी अनुशंसा की है। यह फैसला पीड़ित परिवार के लिए महत्वपूर्ण न्याय माना जा रहा है।
वैज्ञानिक विवेचना और दमदार पैरवी बनी दोषसिद्धि का आधार
इस चर्चित Navapali Hatyakand में अपर लोक अभियोजक तन्मय बनर्जी ने प्रभावी पैरवी की, जबकि तत्कालीन थाना प्रभारी एवं विवेचना अधिकारी निरीक्षक प्रशांत राव आहेर ने वैज्ञानिक, तथ्यपरक और साक्ष्य आधारित जांच कर मजबूत केस तैयार किया। पुलिस की सशक्त विवेचना और अभियोजन पक्ष की प्रभावी दलीलों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए कठोर सजा सुनाई।















































