रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में आयोजित प्रदेश स्तरीय समारोह में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका जीवन राष्ट्रभक्ति, शिक्षा, त्याग और अखंड भारत के संकल्प का प्रेरणादायी उदाहरण है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य के सभी संभागीय एवं जिला मुख्यालयों में डॉ. मुखर्जी की प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी, जिसके लिए 10 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
मुख्यमंत्री बोले— डॉ. मुखर्जी के विचारों को साकार कर रही केंद्र सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 हटाना, अंत्योदय आधारित विकास और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने वाले कई निर्णय उनके विचारों को मूर्त रूप देने वाले ऐतिहासिक कदम हैं।
राष्ट्रहित के लिए दिया सर्वोच्च बलिदान
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. मुखर्जी केवल एक दूरदर्शी राजनेता ही नहीं, बल्कि एक विलक्षण शिक्षाविद भी थे। उन्होंने कम उम्र में विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में जिम्मेदारी निभाई और स्वतंत्र भारत के प्रथम उद्योग मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने कहा कि सिद्धांतों से समझौता न करते हुए डॉ. मुखर्जी ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया और जम्मू-कश्मीर में ‘एक देश में दो निशान, दो विधान और दो प्रधान’ की व्यवस्था के विरुद्ध संघर्ष करते हुए राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।
अंत्योदय और विकास को बताया सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के अंत्योदय के विचारों को आधार बनाकर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में मोदी की गारंटी के अधिकांश संकल्प पूरे किए गए हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और संचार जैसी मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। 500 से अधिक गांवों तक आधारभूत सुविधाएं पहुंचाई गई हैं तथा 700 से अधिक मोबाइल टावर स्थापित किए गए हैं।
युवाओं से राष्ट्र निर्माण में भागीदारी का आह्वान
मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्रसेवा, शिक्षा, त्याग और समर्पण के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं तथा विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
कार्यक्रम में पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ल, कुलसचिव डॉ. शैलेन्द्र कुमार पटेल, प्रबुद्धजन, शिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।















































