रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारिता मंत्रालय के गठन को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने देश के विकास की दिशा में ऐतिहासिक निर्णय बताया है। उन्होंने कहा कि ‘सहकार से समृद्धि’ का संकल्प आज जमीनी स्तर पर साकार हो रहा है और इसका सीधा लाभ किसानों, वनवासियों, महिला समूहों तथा ग्रामीण परिवारों को मिल रहा है।
मुख्यमंत्री आज रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मंडपम में आयोजित राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन एवं सहकारी सप्ताह कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। यह कार्यक्रम सहकारिता मंत्रालय के पांच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित किया गया था।
मुख्यमंत्री ने किया तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए बड़ी राशि वितरण का शुभारंभ
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वर्ष 2023 के 7.14 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए 162 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन पारिश्रमिक राशि के वितरण का शुभारंभ किया। साथ ही उन्होंने उत्कृष्ट सहकारी समितियों को ‘सहकार प्रेरणा पुरस्कार’ से सम्मानित किया।
“मैं किसान का बेटा हूं, सहकारिता से मेरा गहरा रिश्ता रहा है” – मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वे स्वयं किसान परिवार से आते हैं, इसलिए सहकारिता की उपयोगिता को गहराई से समझते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारिता क्षेत्र को नई दिशा मिली है और यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन रहा है।
उन्होंने बताया कि पहले किसानों को 16 से 18 प्रतिशत ब्याज पर ऋण लेना पड़ता था, लेकिन अब सहकारिता व्यवस्था और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से किसानों को ब्याजमुक्त और आसान ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।
15 लाख किसानों को 8 हजार करोड़ से अधिक ऋण
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि इस वर्ष छत्तीसगढ़ में 15 लाख से अधिक किसानों को 8 हजार करोड़ रुपये से अधिक का ऋण उपलब्ध कराया गया है। इससे किसानों को खेती-किसानी के लिए बड़ी राहत मिली है और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बदलाव की दिशा में बड़ा कदम
सीएम साय ने कहा कि केंद्र सरकार केवल कृषि ही नहीं बल्कि पशुपालन, मत्स्य पालन, दुग्ध उत्पादन, वनोपज और ग्रामीण उद्यमिता के क्षेत्रों में भी सहकारिता को मजबूत कर रही है।
उन्होंने बताया कि एनडीडीबी (NDDB) के सहयोग से प्रदेश में दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहे हैं और पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं।
1352 नई सहकारी समितियों का गठन
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कोई भी पंचायत सहकारिता से वंचित न रहे, इसके लिए 1352 नई सहकारी समितियों का गठन किया गया है। यह ग्रामीण विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है।
उन्होंने सहकारिता विभाग के ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ भी किया, जिससे किसानों का पंजीयन अब पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से होगा।
“नक्सलवाद की तरह सहकारिता से भी होगा बड़ा बदलाव” – मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता मिली है, उसी तरह सहकारिता के माध्यम से भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बड़ा परिवर्तन लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सहकारिता का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
सहकारिता मंत्री ने बताया उपलब्धियों का दौर
सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि सहकारिता मंत्रालय के पांच वर्ष पूरे होना गौरव की बात है। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में छत्तीसगढ़ में सहकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं और यह राज्य के विकास में अहम भूमिका निभा रहा है।
बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और किसान रहे मौजूद
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष, अपेक्स बैंक, लघु वनोपज संघ, सहकारी संस्थाओं के पदाधिकारी, किसान, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में हितग्राही उपस्थित रहे।
राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन में सहकारिता को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बताते हुए सरकार ने इसे किसानों की आय बढ़ाने और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की दिशा में सबसे प्रभावी माध्यम बताया।















































