बिलासपुर में गांजा तस्करी का बड़ा खुलासा, दो महिलाएं समेत तीन गिरफ्तार, 12 किलो से ज्यादा नशे का सामान जब्त

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बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत बिलासपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने गांजा तस्करी के एक संगठित नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए दो महिलाओं सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 12.405 किलोग्राम गांजा बरामद किया है, जिसकी बाजार कीमत लगभग 6.25 लाख रुपये बताई जा रही है। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि आरोपियों ने पुलिस की नजरों से बचने के लिए एक 5 साल के मासूम बच्चे को भी अपने साथ रखा था, ताकि किसी को शक न हो।


सूचना मिलते ही पुलिस ने बिछाया जाल

पुलिस को सूचना मिली थी कि उसलापुर रेलवे स्टेशन के पास स्थित लोको पायलट प्रशिक्षण केंद्र के आसपास कुछ संदिग्ध लोग भारी मात्रा में नशीला पदार्थ लेकर घूम रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए सिविल लाइन पुलिस टीम ने तुरंत इलाके में घेराबंदी शुरू की और संदिग्धों की तलाश तेज कर दी।

कुछ ही समय में पुलिस को सूचना में बताए गए हुलिए के अनुसार एक पुरुष, दो महिलाएं और एक बच्चा आसमानी रंग के ट्रॉली बैग के साथ दिखाई दिए। उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर पुलिस ने उन्हें रोककर पूछताछ शुरू की।


ट्रॉली बैग खोलते ही खुला पूरा राज

पुलिस द्वारा जब ट्रॉली बैग की तलाशी ली गई तो उसमें खाकी रंग के टेप से लिपटे गांजे के 11 बड़े पैकेट बरामद हुए। जांच के बाद कुल वजन 12.405 किलोग्राम पाया गया। पुलिस का मानना है कि यह खेप किसी बड़े सप्लाई नेटवर्क का हिस्सा हो सकती है, जिसे किसी अन्य स्थान पर पहुंचाया जाना था।


तीनों आरोपी ओडिशा और छत्तीसगढ़ के निवासी

गिरफ्तार आरोपियों में ओडिशा के झारसुगुड़ा निवासी Prakash Nayak (41 वर्ष), नेहा सिंह (34 वर्ष) और जांजगीर-चांपा जिले की अर्चना सिंह (27 वर्ष) शामिल हैं। प्रारंभिक पूछताछ में यह सामने आया है कि ये लोग अलग-अलग जगहों से गांजा लेकर सप्लाई नेटवर्क में काम कर रहे थे।

पुलिस को पहले से ही इन आरोपियों के हुलिए और बच्चे के साथ यात्रा करने की जानकारी मिल चुकी थी, जिसके आधार पर यह कार्रवाई और आसान हो गई।


बच्चे को ढाल बनाकर कर रहे थे तस्करी

सबसे गंभीर बात यह रही कि आरोपी पुलिस से बचने के लिए एक 5 साल के मासूम बच्चे को साथ लेकर चल रहे थे, ताकि जांच एजेंसियों की नजरों से बचा जा सके। पुलिस ने बच्चे को सुरक्षित रूप से बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया है।


NDPS एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई

पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस नेटवर्क के पीछे जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।


रेलवे स्टेशन क्षेत्र में बढ़ती निगरानी

सिविल लाइन पुलिस का कहना है कि उसलापुर रेलवे स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों में नशे के कारोबार पर लगातार नजर रखी जा रही है। संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है ताकि इस अवैध नेटवर्क को पूरी तरह खत्म किया जा सके।


पुलिस का संदेश: नशे के खिलाफ अभियान जारी रहेगा

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे का कारोबार करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी सूरत में ऐसे अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा।

Amit sahu
Author: Amit sahu

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