रायगढ़। पूंजीपथरा थाना क्षेत्र के ग्राम चिराईपानी स्थित ओम श्री रूपेश स्टील प्लांट में लेबर क्वार्टर पर बाउंड्री वॉल गिरने से गर्भवती महिला मजदूर की मौत के मामले में रायगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मर्ग जांच में सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी और निर्माण में लापरवाही के तथ्य सामने आने के बाद कंपनी के डायरेक्टर दयानंद अग्रवाल और शंकर अग्रवाल के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।
यह घटना 18 जून 2026 की है, जब क्षेत्र में तेज आंधी-तूफान और बारिश के दौरान कंपनी परिसर के समीप बनी बाउंड्री वॉल अचानक भरभराकर लेबर क्वार्टर पर गिर गई। मलबे में दबने से कई मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
हादसे में रंभा यादव (30 वर्ष), निवासी ग्राम पहाड़ लुडेग थाना लैलूंगा, की उपचार के दौरान मौत हो गई। खास बात यह है कि रंभा यादव गर्भवती थीं, जिससे घटना और अधिक दर्दनाक हो गई। वहीं सुनील परमार और उनकी पत्नी रिंकी डेलकी गंभीर रूप से घायल हुए, जिनका उपचार अभी जारी है।
घटना के बाद थाना पूंजीपथरा में मर्ग क्रमांक 41/2026 दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि ओम श्री रूपेश स्टील कंपनी के संचालकों ने अपने क्रेशर प्लांट में महालक्ष्मी कास्टिंग प्रा. लि. की बाउंड्री वॉल से सटाकर बिना आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन किए लेबर क्वार्टर का निर्माण कराया था। प्रारंभिक जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही बरती गई, जिसके कारण यह जानलेवा हादसा हुआ।
इन तथ्यों के आधार पर थाना पूंजीपथरा में अपराध क्रमांक 148/2026 दर्ज कर कंपनी के डायरेक्टर दयानंद अग्रवाल और शंकर अग्रवाल के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) एवं 125(ए) के तहत एफआईआर पंजीबद्ध की गई है। पुलिस ने बताया कि मामले की तकनीकी एवं वैधानिक सभी पहलुओं से गहन जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे और कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा है कि श्रमिकों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि किसी भी औद्योगिक इकाई द्वारा सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जाती है तो संबंधितों के विरुद्ध सख्त और निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।















































