रायगढ़ में डीएपी खाद में भारी मिलावट का बड़ा खुलासा, व्यापारी पर FIR दर्ज

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रायगढ़। जिले में उर्वरक बिक्री में गंभीर अनियमितता और मिलावट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कृषि विभाग की जांच में यह खुलासा हुआ है कि डीएपी (DAP) खाद के बोरे में एसएसपी (SSP) मिलाकर किसानों को बेचा जा रहा था। मामले के सामने आने के बाद विभाग ने व्यापारी के खिलाफ थाने में अपराध दर्ज कराया है।

जानकारी के अनुसार, 16 जून को तमनार क्षेत्र में कृषि विभाग ने एक पिकअप वाहन को रोककर जांच की थी, जिसमें कुल 52 बोरी डीएपी खाद भालूमुड़ा की ओर ले जाई जा रही थी। यह खाद सक्ती जिले के बाराद्वार स्थित एक निजी कृषि केंद्र से भेजी गई थी। प्रारंभिक जांच में खाद को संदिग्ध मानते हुए उसके नमूने लैब भेजे गए।

लैब रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, डीएपी में पाई गई मिलावट

रायपुर स्थित प्रयोगशाला से आई रिपोर्ट में चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। जांच में पाया गया कि जब्त किए गए डीएपी खाद में फास्फोरस की मात्रा एसएसपी खाद के बराबर पाई गई, जिससे स्पष्ट हुआ कि डीएपी के नाम पर एसएसपी मिलाकर बिक्री की जा रही थी।

रिपोर्ट के बाद कृषि विभाग ने इस मामले को गंभीर मानते हुए कार्रवाई तेज कर दी है।

व्यापारी के खिलाफ मामला दर्ज, आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई

इस पूरे मामले में बाराद्वार स्थित वीरू कृषि केंद्र के संचालक विकास अग्रवाल के खिलाफ तमनार थाने में मामला दर्ज कराया गया है। उनके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 और 7 तथा बीएनएस की धारा 318(4) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।

जांच में खुलासा, अलग-अलग जगहों पर सप्लाई की गई थी खाद

वाहन चालक के बयान के अनुसार, कुल 52 बोरी खाद अलग-अलग किसानों और व्यापारियों तक पहुंचाई जानी थी, जिसमें कुछ हिस्सा भालूमुड़ा और चितवाही क्षेत्र में भी भेजा गया था। पुलिस और कृषि विभाग अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गए हैं।

कृषि विभाग की सख्ती से हड़कंप, सप्लाई चैन की जांच शुरू

मामले के उजागर होने के बाद कृषि विभाग ने जिले में उर्वरक वितरण व्यवस्था पर निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि किसानों के हितों के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और पूरे सप्लाई चैन की विस्तृत जांच की जा रही है।

Amit sahu
Author: Amit sahu

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