रायगढ़। जिले के ग्राम पंचायत लाखा अंतर्गत घिरईपानी गांव में औद्योगिक गतिविधियों को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। ग्रामीणों ने Agroha Steel and Power Private Limited पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि कंपनी ने शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा कर उसे फ्लाईऐश डंपिंग यार्ड में बदल दिया है।
3 एकड़ शासकीय भूमि पर कब्जे का आरोप
ग्रामीणों के अनुसार ग्राम पंचायत द्वारा 29 जनवरी 2026 को खसरा नंबर 01 की लगभग 3 एकड़ भूमि को केवल भारी वाहनों की पार्किंग के लिए अनुमति दी गई थी। लेकिन आरोप है कि कंपनी ने शर्तों का उल्लंघन करते हुए इस भूमि पर बाउंड्रीवॉल, तार फेंसिंग और अवैध निर्माण कर दिया तथा वहां फ्लाईऐश डंपिंग शुरू कर दी।
पेड़ कटाई और पर्यावरणीय नुकसान का आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में मौजूद छोटे झाड़ के जंगल को बिना अनुमति साफ कर दिया गया और कई पेड़ों की कटाई की गई। इसके बाद इस जमीन को पूरी तरह औद्योगिक कचरे के डंपिंग स्थल के रूप में इस्तेमाल किया जाने लगा।
ग्राम सभा ने प्रस्ताव किया निरस्त
मामले को लेकर बढ़ते विरोध के बाद 18 अप्रैल 2026 को हुई ग्राम सभा में शासकीय भूमि के उपयोग से संबंधित पूर्व प्रस्ताव को सर्वसम्मति से निरस्त कर दिया गया। इसके बाद 7 मई 2026 को सरपंच इन्द्र कुमार पंडा ने कंपनी प्रबंधन को नोटिस जारी कर फ्लाईऐश हटाने और अवैध निर्माण हटाने के निर्देश दिए थे।
ग्रामीणों का आरोप—प्रदूषण से बढ़ रहा खतरा
ग्रामीणों का कहना है कि उड़ती फ्लाईऐश आसपास के खेतों में जमा हो रही है, जिससे मिट्टी की उर्वरता प्रभावित हो रही है। साथ ही हवा में मौजूद धूलकणों के कारण बच्चों और बुजुर्गों में सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।
कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत, कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर के जनदर्शन में शिकायत दर्ज कराते हुए शासकीय भूमि को तत्काल कब्जा मुक्त कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है, जिससे स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों पर बड़ा असर पड़ेगा।















































