सक्ती में उर्वरक विक्रेताओं पर सख्त कार्रवाई, 3 केंद्रों का लाइसेंस निलंबित, 19 को नोटिस जारी

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सक्ती। कलेक्टर अमृत विकास तोपनो के निर्देशन और उप संचालक कृषि के मार्गदर्शन में जिले में उर्वरक विक्रेताओं (fertilizer dealers) पर लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खाद की कालाबाजारी (black marketing), अधिक कीमत पर बिक्री और गुणवत्ताहीन सामग्री के वितरण पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई की जा रही है।

खरीफ सीजन को देखते हुए किसानों को समय पर गुणवत्तायुक्त बीज, खाद और कीटनाशक उपलब्ध कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उर्वरक निरीक्षकों को सतत निगरानी रखने और जमाखोरी, डायवर्सन तथा अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

औचक निरीक्षण में कई अनियमितताएं उजागर

कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला एवं विकासखंड स्तरीय टीमों द्वारा विभिन्न उर्वरक विक्रय केंद्रों और भंडारण स्थलों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विकासखंड मालखरौदा स्थित मेसर्स रामावतार अग्रवाल फर्म और मेसर्स आदित्य ट्रेडर्स, कुदरी में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं।

जांच में सामने आया कि विक्रय स्थल पर स्टॉक का प्रदर्शन नहीं किया जा रहा था, क्रेता को कैश और क्रेडिट मेमो जारी नहीं किया जा रहा था, तथा प्राधिकृत पत्र में फर्म का उल्लेख किए बिना व्यापार किया जा रहा था। इसके अलावा POS स्टॉक और भौतिक स्टॉक में भी अंतर पाया गया।

इन अनियमितताओं को उर्वरक (अकार्बनिक, कार्बनिक एवं मिश्रित) नियंत्रण आदेश 1985 का उल्लंघन मानते हुए संबंधित फर्मों को 7 दिन के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का नोटिस जारी किया गया है।

50 विक्रय केंद्रों का निरीक्षण, 3 पर लाइसेंस निलंबन

कृषि विभाग ने बताया कि अब तक जिले में कुल 50 उर्वरक विक्रय केंद्रों का निरीक्षण किया जा चुका है। इनमें से 3 केंद्रों के प्राधिकार पत्र निलंबित कर विक्रय पर प्रतिबंध लगाया गया है, जबकि 19 केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

साथ ही स्पष्ट किया गया है कि बिना POS मशीन के उर्वरक वितरण पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

किसानों को गुणवत्तायुक्त सामग्री उपलब्ध कराना प्राथमिकता

उप संचालक कृषि विभाग सक्ती तरुण कुमार प्रधान ने कहा कि किसानों को गुणवत्तायुक्त खाद, बीज एवं कृषि दवाएं उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी विक्रेता द्वारा गुणवत्ताहीन या अनियमित सामग्री का विक्रय पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन की इस सख्ती से उर्वरक बाजार में हड़कंप मच गया है, जबकि किसानों ने इसे राहत देने वाला कदम बताया है।

Amit sahu
Author: Amit sahu

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