रायपुर। ओडिशा तक आ चुका मानसून छत्तीसगढ़ आने से हिचक रहा है। पिछले पांच दिन से उसकी गतिविधि में छत्तीसगढ़ की ओर वृद्धि नहीं हुई है। वर्षा की गतिविधि बढ़ने के बाद 20 के आसपास उसके छत्तीसगढ़ में प्रवेश करने की उम्मीद है। अरब सागर यानी पश्चिम से आने वाली नमीयुक्त हवा और स्थानीय गर्मी के प्रभाव से मध्य हिस्से के लोग ज्यादा हलाकान हैं। इस बार प्री-मानसून ज्यादा साथ नहीं दे रहा है।
रायपुर जिले में बीते 15 दिन में केवल 12.7 मिमी. बरसात हुई है और प्रदेश में यह आंकड़ा महज 21.4 मिमी. पर अटका हुआ है। जून पहला पखवाड़ा बीतने के बाद भी रायपुर समेत मध्य इलाके में गर्मी अपना असर दिखा रही है। पिछली बार मानसून ने 16 जून को छत्तीसगढ़ प्रवेश किया था और 17 जून को रायपुर समेत पूरे प्रदेश में सक्रिय हो गया था। इसके पहले यहां होने वाली प्री-मानसून बारिश की गतिविधि और छाए बादल से गर्मी में राहत थी।
चिपचिपी गर्मी ने छुड़ाए पसीने
इस बार मानसून के लंबे इंतजार के साथ प्री-मानसून की बेहद कमजोर स्थिति गर्मी से सुकून नहीं दे पा रही है। मानसून पूरे आंध्रप्रदेश, पश्चिम बंगाल, बंगाल की खाड़ी तेलंगाना के कुछ और भाग, ओडिशा, झारखंड, बिहार तक पहुंच गया है मगर इसका छत्तीसगढ़ आना अभी अटका हुआ है। राज्य में बारिश की गतिविधि 20 के आसपास बढ़ने की संभावना नजर आ रही है जिससे मानसून को राज्य में आगे बढ़ने के लिए मदद मिल सकती है। अभी ना के बराबर बरसात होने के कारण चिपचिपाहट भरी गर्मी लोगों को हलाकान किए हुए हैं और राज्य का अधिकतम तापमान दुर्ग में 41.2 तक पहुंच गया है।
बढ़ा हुआ है तापमान
| रायपुर | 39.0 | +3.7 |
| माना | 39.7 | +4.2 |
| बिलासपुर | 39.7 | +1.4 |
| पेंड्रा | 37.0 | +2.8 |
| अंबिकापुर | 36.8 | +2.4 |
| जगदलपुर | 38.3 | +6.3 |
| दुर्ग | 41.2 | +3.9 |















































