जल जीवन मिशन पर हाईकोर्ट सख्त: लापरवाही और पेयजल संकट पर स्वतः संज्ञान, राज्य सरकार से मांगा जवाब

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बिलासपुर, 14 अप्रैल 2026 Bilaspur में जल जीवन मिशन के कार्यों में लापरवाही और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट को लेकर Chhattisgarh High Court ने कड़ा रुख अपनाया है। चीफ जस्टिस Ramesh Sinha ने मीडिया रिपोर्ट्स का स्वतः संज्ञान लेते हुए मामले को जनहित याचिका के रूप में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।


राज्य सरकार से मांगा विस्तृत शपथपत्र

डिवीजन बेंच में हुई सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत राज्य को 536 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। इस पर कोर्ट ने राज्य सरकार से शपथपत्र देकर यह बताने के निर्देश दिए हैं कि इस राशि से कौन-कौन से कार्य किए गए और उनकी वर्तमान स्थिति क्या है।


कई जिलों में पेयजल संकट पर चिंता

Raigarh, Durg, Bastar और Ambikapur सहित कई जिलों में पाइपलाइन बिछाने के बावजूद पानी की आपूर्ति बाधित रहने की शिकायतें सामने आई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स को आधार बनाते हुए कोर्ट ने मामले की गंभीरता को स्वीकार किया।


केंद्र सरकार ने फंडिंग प्रक्रिया स्पष्ट की

सुनवाई के दौरान Ministry of Jal Shakti की ओर से 16 जून 2025 का पत्र प्रस्तुत किया गया। इसमें बताया गया कि जल जीवन मिशन के विस्तार के लिए केंद्रीय मंजूरी के बाद ही नियमित फंड जारी किया जाएगा। फिलहाल राज्यों को अपने संसाधनों से कार्य जारी रखने की सलाह दी गई है।


जवाबदेही तय होने के संकेत

हाईकोर्ट की इस सख्ती के बाद अब पूरे प्रशासनिक तंत्र की जवाबदेही तय होने की संभावना है। आने वाली सुनवाई में राज्य सरकार को विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करनी होगी।

Amit sahu
Author: Amit sahu

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