रायपुर। छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 के प्रथम चरण की शुरुआत 1 मई 2026 से होने जा रही है। राज्य जनगणना कार्यक्रम के निदेशक IAS कार्तिकेय गोयल ने जानकारी देते हुए कहा कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल स्वरूप में की जाएगी और नागरिकों की सहभागिता इसके सफल क्रियान्वयन के लिए अत्यंत आवश्यक है।
सही जानकारी देना नागरिकों की जिम्मेदारी
निदेशक कार्तिकेय गोयल ने स्पष्ट किया कि जनगणना में मांगी गई सभी जानकारियां सही और पूर्ण रूप से देना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यह डेटा देश और राज्य की विकास योजनाओं, नीतियों और भविष्य की रणनीतियों के निर्माण में उपयोग किया जाएगा।
डेटा पूरी तरह गोपनीय रहेगा
उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार द्वारा एकत्र की जाने वाली सभी जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रखी जाएंगी और किसी भी अन्य व्यक्ति या संस्था के साथ साझा नहीं की जाएंगी।
गलत जानकारी देने पर कार्रवाई
कार्तिकेय गोयल ने चेतावनी दी कि जनगणना के दौरान गलत या भ्रामक जानकारी देने पर शासन स्तर पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से बिना किसी डर या संकोच के सही विवरण उपलब्ध कराने की अपील की।
16 अप्रैल से हेल्पलाइन और कंट्रोल रूम सक्रिय
जनगणना से जुड़े सवालों और तकनीकी सहायता के लिए गृह विभाग द्वारा टोल फ्री हेल्पलाइन 1855 शुरू की जा रही है, जो 16 अप्रैल से सक्रिय होगी। इसके अलावा राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम के माध्यम से पूरी प्रक्रिया की निगरानी की जाएगी।
पहली बार डिजिटल जनगणना और सेल्फ एन्यूमरेशन
इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी। नागरिक 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक ऑनलाइन पोर्टल पर स्वयं अपनी जानकारी भर सकेंगे। इसके बाद एक सेल्फ एन्यूमरेशन (SE) आईडी जनरेट होगी, जिसे प्रगणक को दिखाना अनिवार्य होगा। सत्यापन के बाद ही डेटा अंतिम रूप से दर्ज किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ बना पहला डिजिटल जनगणना राज्य
छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बनने जा रहा है जहां पूरी डिजिटल जनगणना होगी। प्रथम चरण में मकान सूचीकरण और गणना का कार्य किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया 2027 में पूरी होगी और अंतिम आंकड़े 2028 में जारी किए जाएंगे।















































