नई दिल्ली। देश में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए सरकार वाहन उत्सर्जन नियमों को और सख्त करने की तैयारी कर रही है। ET प्राइम की रिपोर्ट के अनुसार, 2027 से भारत में BS-VII (भारत स्टेज VII) उत्सर्जन मानक लागू किए जा सकते हैं, जिनका उद्देश्य वाहनों से निकलने वाले प्रदूषण को बड़े स्तर पर नियंत्रित करना है।
2027 से लागू हो सकते हैं नए BS-VII मानक
नई व्यवस्था के तहत 2027 के बाद बनने और बिकने वाली गाड़ियों में पहले से ज्यादा सख्त उत्सर्जन नियंत्रण नियम लागू होंगे। इन वाहनों में रियल-टाइम प्रदूषण मॉनिटरिंग सिस्टम लगाया जा सकता है, जिससे चलते वाहन में ही उत्सर्जन स्तर को ट्रैक किया जा सकेगा।
यूरोपीय मानकों पर आधारित होगी नई तकनीक
BS-VII मानक यूरोप के Euro VII नियमों पर आधारित हो सकते हैं, लेकिन इन्हें भारत की सड़क स्थिति और ईंधन गुणवत्ता के अनुसार अनुकूलित किया जाएगा ताकि सिस्टम प्रभावी ढंग से काम कर सके।
इलेक्ट्रिक और CNG वाहनों पर भी कड़ी नजर
सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बैटरी के लिए भी न्यूनतम परफॉर्मेंस और लाइफ स्टैंडर्ड तय कर सकती है। वहीं CNG और प्राकृतिक गैस से चलने वाले वाहनों पर भी उत्सर्जन नियंत्रण को और सख्त किया जाएगा।
अमोनिया उत्सर्जन पर भी बढ़ेगी निगरानी
नए नियमों में अमोनिया उत्सर्जन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जो स्मॉग और वायु प्रदूषण का एक बड़ा कारण माना जाता है। इसके लिए हल्के और भारी दोनों प्रकार के वाहनों पर सख्त मॉनिटरिंग की योजना है।
आम लोगों पर असर
इन नए मानकों के लागू होने से वाहन निर्माण लागत में बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे गाड़ियों की कीमतें भी प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि इसके बदले लोगों को कम प्रदूषण फैलाने वाले और ज्यादा पर्यावरण-अनुकूल वाहन मिलेंगे, जिससे वायु गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है।















































