खाद्य तेल पैकिंग में बड़ा बदलाव: 1 सितंबर से केवल एक लीटर पैक ही मान्य, उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत

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रायपुर। खाद्य तेलों में लंबे समय से चल रहे कम वजन और अधिक कीमत के खेल पर अब केंद्र सरकार ने सख्ती दिखाते हुए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि 1 सितंबर 2026 के बाद केवल एक लीटर के मानक पैक ही खाद्य तेलों में बिक्री के लिए मान्य होंगे। इसके बाद 650, 750 या 800 एमएल जैसे कम वजन वाले पाउच पर पूरी तरह रोक लग जाएगी।

कम वजन के नाम पर कीमत बढ़ाने की शिकायतें

पिछले लगभग एक साल से बाजार में कंपनियों द्वारा एक लीटर के बजाय कम मात्रा वाले पाउच जारी किए जा रहे थे, जिससे उपभोक्ताओं को भ्रम की स्थिति में अधिक कीमत चुकानी पड़ रही थी। कई ब्रांड्स ने 800 एमएल, 730 एमएल और 840 एमएल जैसे पैक जारी कर दिए थे, जिससे वास्तविक कीमत का अनुमान लगाना उपभोक्ताओं के लिए मुश्किल हो गया था।

उदाहरण के तौर पर कई तेल ब्रांड्स में कम वजन के कारण प्रभावी कीमत 150 रुपये से बढ़कर 170 से 210 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई थी, जबकि पहले यही पैक अपेक्षाकृत कम कीमत पर उपलब्ध थे।

गरीब परिवारों के नाम पर शुरू हुई थी छूट, अब नियम सख्त

सरकार ने पहले कंपनियों को यह छूट दी थी कि वे छोटे पैक तैयार कर सकें ताकि कम बजट वाले परिवार भी खाद्य तेल खरीद सकें। लेकिन समय के साथ कंपनियों द्वारा इसी छूट का दुरुपयोग कर कीमतें बढ़ाने की शिकायतें सामने आने लगीं।

तीन महीने का स्टॉक क्लियर करने का समय

सरकार ने कंपनियों और व्यापारियों को पुराने स्टॉक को खत्म करने के लिए तीन महीने का समय दिया है। इसके बाद किसी भी स्थिति में कम वजन वाले पाउच की बिक्री नहीं की जा सकेगी।

डूमरतराई थोक बाजार के अध्यक्ष प्रेम पाहूजा के अनुसार, यह निर्णय उपभोक्ताओं के हित में है और इससे बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी।

उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत

इस नए नियम के लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को वास्तविक वजन और सही कीमत पर खाद्य तेल उपलब्ध होने की उम्मीद है। इससे लंबे समय से चल रही मूल्य और मात्रा में असंतुलन की समस्या पर रोक लग सकेगी।

Amit sahu
Author: Amit sahu

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