खरसिया। अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) की पूर्णिमा के अवसर पर खरसिया में गौसेवा और गौ-भंडारे की अनूठी पहल लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। क्षेत्र में प्रशासनिक अधिकारियों, व्यापारियों, शिक्षकों और आम नागरिकों द्वारा विभिन्न अवसरों पर गौ-भंडारे आयोजित किए जा रहे हैं। पूर्वजों की स्मृति, जन्मदिन और विशेष पारिवारिक अवसरों पर गौसेवा के माध्यम से समाज को सकारात्मक संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है।
स्थानीय गौसेवकों के अनुसार, पिछले कुछ समय से क्षेत्र में गौसेवा के प्रति लोगों का रुझान लगातार बढ़ा है। इसी क्रम में एसडीएम प्रवीण तिवारी ने अपनी माता की स्मृति में गौ-भंडारा आयोजित किया, जबकि गौसेवक राकेश केशवानी ने प्रत्येक जन्मदिन पर गौसेवा करने का संकल्प लिया है।
इसी प्रकार बलबीर सरदार ने अपनी माता की जयंती, राजेश केशरवानी ने अपने जन्मदिन, शिव कुमार जायसवाल (कोलकाता) और शंकर लाल मित्तल (दिल्ली) ने अपने पूर्वजों की स्मृति एवं पुरुषोत्तम मास के अवसर पर गौ-भंडारा आयोजित कराया। अनुराग अग्रवाल ने पूर्वजों की आत्मिक शांति के लिए गौसेवा की, वहीं एक शुभचिंतक द्वारा वित्त मंत्री एवं विधायक ओ.पी. चौधरी के जन्मदिन के अवसर पर भी गौ-भंडारे का आयोजन किया गया। बंटी सोनी, पंडित ईश्वरचंद्र शर्मा तथा बलराम राठौर ने भी अपने पारिवारिक अवसरों पर गौ माता की सेवा और पूजन किया।
पुरुषोत्तम मास में गौसेवा का बढ़ा महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पुरुषोत्तम मास को विशेष पुण्यदायी माना जाता है। इसी कारण इस अवधि में दान-पुण्य, गौसेवा और धार्मिक आयोजनों में लोगों की भागीदारी बढ़ जाती है। गौसेवकों का कहना है कि गौसेवा भारतीय संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और जीव संरक्षण से भी जुड़ी हुई है।
समाज में बढ़ रही जागरूकता
आयोजकों का कहना है कि गौसेवा के माध्यम से समाज में सेवा, संवेदनशीलता और संस्कारों को बढ़ावा मिल रहा है। इस पहल से प्रेरित होकर अन्य लोग भी जन्मदिन, पुण्यतिथि और विशेष अवसरों पर गौसेवा से जुड़ रहे हैं।
गौसेवा से जुड़े लोगों ने आम नागरिकों से भी अपनी क्षमता अनुसार गौ-भंडारे और गौसेवा में सहयोग करने की अपील की है।
संपर्क: राकेश केशवानी – 9826136053
















































