अब ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी की घर पहुंच परिवहन सेवा, एजेंट के चक्कर से मिलेगा छुटकारा

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कोरबा: छत्तीसगढ़ सरकार की तुंहर सरकार तुंहर द्वार योजना के अंतर्गत परिवहन विभाग आम लोगों को घर पहुंच सेवा दे रहा है. इससे परिवहन विभाग में एजेंटों के चक्कर से लोगों को छुटकारा मिलेगा. सैकड़ों रुपए के सरकारी शुल्क में मिलने वाले सेवा के लिए हजारों रुपए चुकाने से भी लोग निजात पाएंगे.

परिवहन विभाग सरकार का एक ऐसा विभाग है, जहां बिचौलियों और एजेंट का एकछत्र राज चलता है. अधिकारियों द्वारा एजेंटों को संरक्षण दिया जाता है. तो कुछ अधिकारी ऐसे भी हैं जो चाहकर भी इन परिस्थितियों पर लगाम नहीं लगा पाते. लेकिन अब शासन स्तर से ही कुछ ऐसी कवायत शुरू हुई है. जिससे परिवहन विभाग की सेवा का लाभ सीधे लोगों को मिलेगा.

इस तरह लोगों को मिल रही सेवा

प्रदेश सरकार की इस मंशा को आगे बढ़ाते हुए परिवहन विभाग द्वारा कुशल और समयबद्ध तरीके से स्मार्ट कार्ड आधारित ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र (आरसी) सीधे आवेदकों के घर के पते पर पहुंचाए जा रहे हैं. इस पहल का मुख्य उद्देश्य लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति दिलाना और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करना है. इस योजना के क्रियान्वयन से परिवहन प्रणाली में न केवल सुधार हो रहा है, बल्कि नियमों के प्रति जागरूकता भी बढ़ी है. वाहन स्वामियों को अब आवश्यक दस्तावेजों के परीक्षण के बाद बिना किसी परेशानी के घर बैठे ही उनके महत्वपूर्ण दस्तावेज दिए जा रहे हैं. सड़क सुरक्षा के प्रति सजगता बढ़ाने और यातायात संकेतों के पालन को अनिवार्य बनाने की दिशा में यह सेवा एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो रही है.

अब भी लोग ऑनलाइन आवेदन भरने के लिए ले रहे हैं बिचौलियों की सहायता

ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी बुक प्राप्त करने के लिए जिन प्रक्रियाओं को पूर्ण किया जाता है, वहां समस्या बनी हुई है. लोग ऑनलाइन आवेदन स्वयं नहीं भर पाते. इसके लिए वह एजेंटों के चक्कर में पड़ जाते हैं. अब ऑनलाइन आवेदन भरने के लिए अलग से शुल्क वसूला जाता है. हालांकि परिवहन विभाग की वेबसाइट पर जाकर लोग कहीं से भी आवेदन भर सकते हैं और ऑनलाइन ही सारे शुल्क चुकता कर सकते हैं. इसके लिए किसी बिचौलिए की सहायता लेने की आवश्यकता बिल्कुल भी नहीं है. बायोमेट्रिक पहचान और फोटो के लिए लोगों को परिवहन विभाग के दफ्तर जाना पड़ता है. इन प्रक्रियाओं के लिए भी ऑनलाइन आवेदन भरने के बाद लोग सीधे परिवहन विभाग के दफ्तर जा सकते हैं. जबकि अब भी एजेंट सक्रिय रहते हैं. जिनके जरिए ही यह सारी प्रक्रिया है पूर्ण करवाई जा रही हैं.

इस वर्ष इतने लाइसेंस और आरसी लोगों को भेजे गए

कोरबा जिले में इस योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 52,076 दस्तावेजों का वितरण किया गया था. जिसमें 27,253 पंजीकरण प्रमाणपत्र(आरसी) और 24,823 ड्राइविंग लाइसेंस शामिल थे. वहीं, आगामी वर्ष 2025-26 में सेवाओं की गति में और अधिक वृद्धि देखी गई है. इस वर्ष अब तक कुल 58,850 दस्तावेज वितरित किए जा चुके हैं. जिनमें 32,530 पंजीकरण प्रमाणपत्र और 26,320 ड्राइविंग लाइसेंस शामिल हैं.

घर पहुंचाकर लोगों को दी जा रही है ड्राइविंग लाइसेंस व आरसी

जिला परिवहन अधिकारी विवेक सिंहा ने बताया कि पूर्व में ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी प्राप्त करने के लिए लोगों को विभाग के दफ्तर या डीलर के पास जाना पड़ता था. लेकिन अब ऑनलाइन आवेदन भरते समय ही लोगों से उनका पोस्टल एड्रेस ले लिया जाता है और विभाग द्वारा उन्हें डाक के माध्यम से उनके घर पहुंचा रहा है.

जिला परिवहन अधिकारी ने बताया कि इससे कार्य में कसावट आई है. लोगों को आसानी से ड्राइविंग लाइसेंस मिल रहा है. आने वाले समय में इसमें और भी सुधार किया जाएगा. लर्निंग लाइसेंस का ऑनलाइन शुल्क 255 रुपए है. लोग आवेदन करने के बाद सीधे विभाग के दफ्तर जाकर फोटो खिंचवा सकते हैं और उन्हें ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त हो जाएगा. इसी तरह से सभी शुल्कों की सूची विभाग की वेबसाइट पर मौजूद है. लोग वहां से सारी जानकारी लेकर खुद से ही सारी प्रक्रियाओं को पूर्ण कर सकते हैं.

Amit sahu
Author: Amit sahu

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