बलौदाबाजार में ईंधन संकट गहराया: पेट्रोल-डीजल की किल्लत से पंपों पर लंबी कतारें, सुबह से ही वाहनों की भीड़ जारी

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 बलौदा बाजार। बलौदाबाजार जिले में पेट्रोल और डीजल की किल्लत जारी है, जिलेभर के पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। कई पंपों में डीजल पूरी तरह खत्म हो जाने से वाहन चालकों और किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे बन गए हैं कि लोग ईंधन की तलाश में एक पेट्रोल पंप से दूसरे पेट्रोल पंप तक भटक रहे हैं।

175 पेट्रोल पंपों में अधिकांश ड्राई होने की स्थिति में
जानकारी के अनुसार जिले में कुल 175 पेट्रोल पंप संचालित हैं, लेकिन लगातार तीन से चार दिनों से ईंधन आपूर्ति प्रभावित होने के कारण अधिकांश पंप ड्राई होने की कगार पर पहुंच चुके हैं। कई जगहों पर पेट्रोल और डीजल सीमित मात्रा में दिया जा रहा है, जबकि कुछ पंपों में पूरी तरह सप्लाई बंद है। सामान्य आपूर्ति व्यवस्था अब तक पटरी पर नहीं लौट पाई है, जिससे लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है।

प्रशासन के दावों पर उठ रहे सवाल
एक ओर प्रशासन जिले में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं होने का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर पेट्रोल पंपों के बाहर लगी लंबी कतारें इन दावों की हकीकत बयां कर रही हैं। लोगों का कहना है कि अगर पर्याप्त आपूर्ति होती, तो घंटों लाइन में खड़े होने की नौबत नहीं आती।

175 पेट्रोल पंपों में अधिकांश ड्राई होने की स्थिति में
जानकारी के अनुसार जिले में कुल 175 पेट्रोल पंप संचालित हैं, लेकिन लगातार तीन से चार दिनों से ईंधन आपूर्ति प्रभावित होने के कारण अधिकांश पंप ड्राई होने की कगार पर पहुंच चुके हैं। कई जगहों पर पेट्रोल और डीजल सीमित मात्रा में दिया जा रहा है, जबकि कुछ पंपों में पूरी तरह सप्लाई बंद है। सामान्य आपूर्ति व्यवस्था अब तक पटरी पर नहीं लौट पाई है, जिससे लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है।

प्रशासन के दावों पर उठ रहे सवाल
एक ओर प्रशासन जिले में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं होने का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर पेट्रोल पंपों के बाहर लगी लंबी कतारें इन दावों की हकीकत बयां कर रही हैं। लोगों का कहना है कि अगर पर्याप्त आपूर्ति होती, तो घंटों लाइन में खड़े होने की नौबत नहीं आती।

खेती-किसानी पर पड़ा सीधा असर
इस संकट का सबसे ज्यादा असर किसानों पर दिखाई दे रहा है। मानसून से पहले खेतों की जुताई का काम तेजी से शुरू हो चुका है और ट्रैक्टर संचालन के लिए किसानों को डीजल की अत्यधिक जरूरत है। लेकिन डीजल नहीं मिलने से खेती-किसानी का काम प्रभावित होने लगा है।

सीमित मात्रा में ही डीजल मिल रहा
कई किसान 5 किलोमीटर से लेकर 25 किलोमीटर दूर स्थित पेट्रोल पंपों तक पहुंच रहे हैं, जहां उन्हें सीमित मात्रा में ही डीजल मिल पा रहा है। किसानों का कहना है कि आने-जाने में ही ट्रैक्टर का 5 लीटर तक डीजल खर्च हो जा रहा है, जबकि जो डीजल मिल रहा है उससे कुछ घंटों तक ही जुताई हो पा रही है।

हाईवे पंपों पर भारी वाहनों की भीड़
चारपहिया और भारी वाहन चालक किसी तरह हाईवे किनारे स्थित पेट्रोल पंपों से डीजल भरवा रहे हैं, लेकिन शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के पंपों में किसानों और स्थानीय लोगों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है। हालात को देखते हुए लोगों में नाराजगी भी बढ़ने लगी है और जल्द आपूर्ति सामान्य करने की मांग तेज हो गई है।

Amit sahu
Author: Amit sahu

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