मानसून में जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने निगम का अभियान तेज, अतिक्रमण हटाने तैयार होगी कार्ययोजना
रायगढ़। मानसून के दौरान शहर में जलभराव की समस्या से नागरिकों को राहत दिलाने के उद्देश्य से नगर निगम प्रशासन ने जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने की कवायद तेज कर दी है। निगम आयुक्त श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय ने निगम अधिकारियों के साथ शहर के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण कर नालों की सफाई एवं जल प्रवाह की स्थिति का जायजा लिया।
संजय मार्केट और बड़पारा क्षेत्र का किया निरीक्षण
निगम आयुक्त ने संजय मार्केट, बड़पारा शराब दुकान क्षेत्र एवं शांति लॉज परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नालों की सफाई, बरसाती पानी की निकासी और जल प्रवाह की स्थिति देखी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बारिश के दौरान जलभराव की समस्या रोकने के लिए नालों की नियमित सफाई, मलबा हटाने और जल निकासी मार्ग को सुचारु बनाए रखना सुनिश्चित करें।
नालों पर अतिक्रमण हटाने बनेगी योजना
निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर नालों के ऊपर अतिक्रमण पाए जाने से जल निकासी प्रभावित होने की बात सामने आई। इस पर निगम आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को सर्वे कर नालों पर किए गए अतिक्रमण को नियमानुसार हटाने तथा स्थायी समाधान के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जल निकासी व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
गंधरी पुलिया पर दुर्घटना रोकने बनेगी स्थायी व्यवस्था
निगम आयुक्त ने गंधरी पुलिया का भी निरीक्षण किया। बारिश के दौरान पुलिया के ऊपर पानी बहने से आवागमन प्रभावित होने और दुर्घटना की आशंका को देखते हुए उन्होंने अधिकारियों को तकनीकी परीक्षण कर स्थायी समाधान की योजना तैयार करने कहा।
उन्होंने निर्देश दिए कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए आवश्यक निर्माण एवं सुधार कार्य प्राथमिकता से किए जाएं।
शांति लॉज के पीछे नाले की कराई गई सफाई
जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए शांति लॉज के पीछे स्थित नाले की सफाई कार्य का भी निरीक्षण किया गया। मशीनों की सीमित पहुंच के कारण छोटे पोकलेन मशीन की सहायता से सफाई अभियान चलाया गया। निगम आयुक्त ने मौके पर रहकर सफाई कार्य की निगरानी की और नाले में जमा मलबा एवं अवरोध हटाकर जल प्रवाह सुचारु करने के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जहां मशीनों की पहुंच संभव नहीं है, वहां वैकल्पिक संसाधनों का उपयोग कर समय सीमा में सफाई कार्य पूरा किया जाए, ताकि बारिश के दौरान नागरिकों को परेशानी का सामना न करना पड़े।















































