नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू यूरोप के तीन देशों की सफल राजकीय यात्रा पूरी कर स्वदेश लौट आई हैं। इस दौरे के दौरान भारत और संबंधित देशों के बीच व्यापार, पर्यटन, निवेश और सांस्कृतिक सहयोग को मजबूत बनाने पर महत्वपूर्ण चर्चा हुई।
राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने यूरोप दौरे की शुरुआत 20 जुलाई को मोल्दोवा की राजकीय यात्रा से की। यह किसी भी भारतीय राष्ट्राध्यक्ष की मोल्दोवा की पहली आधिकारिक यात्रा थी। इस दौरान उन्होंने मोल्दोवा की राष्ट्रपति माया संदू के साथ द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की।
इसके बाद राष्ट्रपति ने 21 और 22 जुलाई को नॉर्थ मैसेडोनिया का दौरा किया। वह इस देश की यात्रा करने वाली पहली भारतीय राष्ट्रपति बनीं। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने के लक्ष्य पर सहमति बनी। साथ ही पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी और फिल्म निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी विचार-विमर्श किया गया।
राष्ट्रपति मुर्मू 23 जुलाई को रोमानिया पहुंचीं। तीन दशक से अधिक समय बाद किसी भारतीय राष्ट्राध्यक्ष की यह पहली रोमानिया यात्रा रही। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि रोमानिया में रहने वाले भारतीय मूल के लोग भारत के सच्चे प्रतिनिधि हैं, जिनकी उपलब्धियां दोनों देशों के संबंधों को और अधिक मजबूत बना रही हैं।
राष्ट्रपति के इस दौरे को भारत और यूरोप के देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।















































