रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकार के अल्टीमेटम के बाद अतिथि शिक्षकों ने अपनी हड़ताल समाप्त करने की घोषणा कर दी है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 5 सितंबर 2026 तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो 6 सितंबर से दोबारा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
सरकार के अल्टीमेटम के बाद लिया फैसला
स्कूल शिक्षा विभाग ने गुरुवार को अतिथि शिक्षकों को 27 जुलाई तक कार्य पर लौटने का निर्देश देते हुए सेवाएं समाप्त करने की चेतावनी दी थी। इसके बाद शुक्रवार को दुर्ग में आयोजित प्रेस वार्ता में अतिथि शिक्षकों के प्रतिनिधियों ने हड़ताल वापस लेने की घोषणा की।
सरकार से मिला आश्वासन
अतिथि शिक्षकों का कहना है कि सरकार की ओर से उनकी प्रमुख मांगों पर विचार करने और समाधान का आश्वासन दिया गया है। इसी भरोसे के आधार पर उन्होंने फिलहाल आंदोलन स्थगित किया है।
ये हैं प्रमुख मांगें
अतिथि शिक्षकों ने कहा कि वे वर्षों से दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें कई मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उनकी प्रमुख मांगें हैं—
- समान काम के लिए समान वेतन
- 12 माह का वेतन
- मातृत्व अवकाश की सुविधा
- वेतन वृद्धि
- 13 आकस्मिक अवकाश (CL)
- भविष्य में नियमितीकरण
पुलिस कार्रवाई पर जताई नाराजगी
अतिथि शिक्षकों ने आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई और छह महीने तक हड़ताल नहीं करने के लिए बॉन्ड भरवाने की प्रक्रिया की कड़ी आलोचना की। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें उठाना उनका अधिकार है।
5 सितंबर तक का अल्टीमेटम
शिक्षकों ने सरकार को 5 सितंबर तक का समय दिया है। यदि इस अवधि में उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो वे 6 सितंबर 2026 से प्रदेशव्यापी आंदोलन फिर शुरू करेंगे।















































