गौरेला की महिला ने योजना की राशि से बढ़ाया छोटा व्यवसाय, परिवार की आर्थिक स्थिति में आया सुधार
रायपुर, 20 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित महतारी वंदन योजना प्रदेश की लाखों महिलाओं के लिए आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बन रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित इस योजना से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता मिल रही है, जिससे वे आत्मनिर्भर बनने के साथ अपने परिवार की आर्थिक मजबूती में भी योगदान दे रही हैं।
नारियल दुकान से परिवार का सहारा बनीं ज्ञानवती बैगा
गौरेला विकासखंड के ग्राम तवाडबरा की रहने वाली श्रीमती ज्ञानवती बैगा इस योजना से लाभान्वित होकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रही हैं। वे अमलेश्वर महादेव मंदिर के सामने नारियल की छोटी दुकान संचालित करती हैं। इसी व्यवसाय से होने वाली आय के माध्यम से वे परिवार की जरूरतें पूरी करने के साथ घरेलू जिम्मेदारियों का भी निर्वहन कर रही हैं।
महतारी वंदन की राशि से बढ़ा व्यवसाय
ज्ञानवती बैगा ने बताया कि उन्हें योजना की 29वीं किस्त प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने इस राशि का उपयोग अपने नारियल व्यवसाय के लिए जरूरी सामग्री खरीदने में किया, जिससे उनका छोटा कारोबार लगातार आगे बढ़ रहा है। नियमित आर्थिक सहायता मिलने से अब उन्हें व्यवसाय के लिए पूंजी जुटाने में पहले जैसी परेशानी नहीं होती।
आत्मविश्वास और सम्मान का मिला सहारा
ज्ञानवती बैगा का कहना है कि महतारी वंदन योजना ने उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनने का भरोसा दिया है। अब वे अपने घर के खर्च और व्यवसाय दोनों को बेहतर तरीके से संभाल पा रही हैं। योजना से मिलने वाली सहायता ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दिया है।
महिलाओं के जीवन में बदलाव ला रही योजना
उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए शुरू की गई यह योजना उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। नियमित आर्थिक सहायता से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ रहा है और वे छोटे-छोटे व्यवसायों के माध्यम से परिवार की आय में योगदान दे रही हैं।
महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार, महतारी वंदन योजना प्रदेश में महिला सशक्तिकरण को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। ज्ञानवती बैगा जैसी अनेक महिलाओं की सफलता यह दर्शाती है कि योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भरता, सम्मान और स्वावलंबन की ओर बढ़ाने का माध्यम बन रही है।















































