पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक-सक्षम शासन की ओर बढ़ा छत्तीसगढ़, नागरिकों को मिल रही सरल और समयबद्ध सेवाएं
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ प्रशासनिक सुधारों और डिजिटल सुशासन के क्षेत्र में तेजी से नई पहचान बना रहा है। राज्य सरकार ने अब तक 435 प्रशासनिक सुधार लागू कर शासन की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक-सक्षम बनाया है। इन सुधारों का उद्देश्य आम नागरिकों, किसानों, उद्यमियों, निवेशकों और युवाओं तक सरकारी सेवाओं की पहुंच को सरल, तेज और प्रभावी बनाना है।
डिजिटल सुशासन से बदली प्रशासन की कार्यशैली
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार ने सुशासन को केवल नीति नहीं, बल्कि शासन की मूल कार्यशैली बनाया है। भूमि प्रबंधन, राजस्व प्रशासन, शिकायत निवारण, ऑनलाइन नागरिक सेवाएं, औद्योगिक निवेश, पंजीयन व्यवस्था और डिजिटल कृषि सहित अनेक क्षेत्रों में व्यापक सुधार लागू किए गए हैं। इन बदलावों से नागरिकों का समय और आर्थिक संसाधनों की बचत हो रही है, जबकि सरकारी प्रक्रियाएं अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनी हैं।
नागरिकों को समयबद्ध और आसान सेवाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसी प्रशासनिक व्यवस्था विकसित करना है, जिसमें लोगों को सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें। सभी सेवाएं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध हों और डिजिटल तकनीक के माध्यम से शासन तथा जनता के बीच विश्वास और मजबूत हो। प्रशासनिक सुधारों का उद्देश्य नागरिकों को सम्मानपूर्वक और बिना अनावश्यक बाधा के सरकारी सेवाओं का लाभ पहुंचाना है।
हर क्षेत्र में दिख रहा सुधारों का प्रभाव
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रशासनिक सुधार अब केवल ई-गवर्नेंस तक सीमित नहीं हैं। शिकायत निवारण, भूमि प्रबंधन, राजस्व प्रशासन, निवेश, पंजीयन, डिजिटल कृषि, ऑनलाइन सेवाएं, औद्योगिक अनुमतियां और सेवा वितरण सहित लगभग हर क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन किए गए हैं। इन सुधारों से शासन की कार्यक्षमता बढ़ी है, निर्णय प्रक्रिया तेज हुई है और सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता व जवाबदेही पहले से अधिक मजबूत हुई है।















































