ECI SIR Update : वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए अब देनी होगी माता-पिता की जानकारी, चुनाव आयोग ने बदला Form 6

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नए मतदाताओं के लिए फॉर्म में जोड़ा गया नया सेक्शन, SIR प्रक्रिया के तहत लिया गया फैसला

नई दिल्ली। भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। अब नए मतदाताओं को वोटर लिस्ट में शामिल होने के लिए आवेदन करते समय अपने माता-पिता की जानकारी भी देनी होगी।

यह बदलाव उन लोगों के लिए लागू होगा, जो 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं और पहली बार मतदाता सूची में नाम जुड़वाना चाहते हैं। इसके अलावा ऐसे लोग भी इसके दायरे में आएंगे, जिनका नाम वोटर लिस्ट से हट गया है और वे दोबारा आवेदन कर रहे हैं।

SIR के बाद उठे सवालों के बीच लिया गया फैसला

चुनाव आयोग ने SIR प्रक्रिया के दौरान यह बदलाव किया है। पिछले चरणों में 10 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में हुई SIR प्रक्रिया के बाद बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए थे। इसके बाद यह सवाल उठे थे कि इसका असर आने वाली पीढ़ी और नए मतदाताओं पर किस तरह पड़ेगा।

इसी को देखते हुए चुनाव आयोग ने Form 6 में नया सेक्शन जोड़ा है, जिससे मतदाता की पारिवारिक और पूर्व मतदाता सूची से संबंधित जानकारी जुटाई जा सके।

Form 6 में दिए गए तीन विकल्प

नए सेक्शन में आवेदक को तीन विकल्पों में से किसी एक का चयन करना होगा—

  1. मेरा नाम पिछले SIR की मतदाता सूची में है।
  2. मेरे माता-पिता और दादा-दादी का नाम पिछले SIR की मतदाता सूची में है।
  3. न तो मेरा नाम और न ही मेरे माता-पिता का नाम पिछले SIR की मतदाता सूची में है।

यदि आवेदक पहले या दूसरे विकल्प का चयन करता है, तो उसे विधानसभा क्षेत्र, मतदान केंद्र (बूथ) नंबर और पिछले SIR में दर्ज नाम का सीरियल नंबर देना होगा।

जानकारी नहीं होने पर तीसरा विकल्प चुनना होगा

यदि आवेदक के पास पुरानी मतदाता सूची की जानकारी उपलब्ध नहीं है तो उसे तीसरे विकल्प का चयन करना होगा। हालांकि इस विकल्प के बाद की प्रक्रिया को लेकर फॉर्म में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।

23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रही SIR प्रक्रिया

चुनाव आयोग द्वारा वर्तमान में कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR प्रक्रिया कराई जा रही है। इनमें आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, ओडिशा, पंजाब, तेलंगाना, उत्तराखंड सहित अन्य राज्य शामिल हैं।

वहीं बिहार में SIR प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। वर्ष 2025 में छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में यह प्रक्रिया पूरी की गई थी।

Amit sahu
Author: Amit sahu

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