अपराध नियंत्रण, यातायात सुधार और बाढ़ आपदा प्रबंधन पर विशेष समीक्षा, छह माह का रिपोर्ट कार्ड भी पेश
रायगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) शशि मोहन सिंह ने शनिवार को पुलिस नियंत्रण कक्ष में जिले की मासिक क्राइम मीटिंग लेकर कानून-व्यवस्था, लंबित अपराधों, विवेचनाओं और आगामी चुनौतियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में रायगढ़, खरसिया और धरमजयगढ़ अनुविभाग के सभी थानों की कार्यप्रणाली का आकलन करते हुए लंबित अपराध, शिकायत, गुम इंसान और मर्ग प्रकरणों की प्रगति पर चर्चा की गई।
गंभीर अपराधों की विवेचना में तेजी लाने के निर्देश
बैठक में हत्या, हत्या के प्रयास, बड़ी चोरी, नकबजनी, महिला संबंधी अपराध, पॉक्सो एक्ट सहित अन्य गंभीर मामलों की समीक्षा की गई। एसएसपी ने सभी विवेचकों और थाना प्रभारियों को गुणवत्तापूर्ण विवेचना करते हुए समय-सीमा में चालान न्यायालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
तीन प्रमुख बिंदुओं पर रहा फोकस
क्राइम मीटिंग में अपराधों के त्वरित निराकरण, यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने तथा मानसून के दौरान बाढ़ एवं आपदा प्रबंधन की तैयारियों को प्राथमिकता दी गई। सभी संबंधित अधिकारियों को इन क्षेत्रों में विशेष कार्ययोजना बनाकर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
थाना प्रभारियों का छह माह का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत
बैठक में वर्ष 2025 की तुलना में वर्ष 2026 के पहले छह माह के कार्यों की समीक्षा की गई। एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों का प्रदर्शन रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए जुआ, सट्टा, अवैध शराब, बदमाशों पर कार्रवाई और प्रतिबंधात्मक कार्यवाहियों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पुलिस का मुख्य उद्देश्य पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाना है, जिसके लिए समयबद्ध और प्रभावी विवेचना अत्यंत आवश्यक है।
यातायात और बाढ़ प्रबंधन पर विशेष रणनीति
मानसून को देखते हुए सड़क क्षति, जलभराव और जाम की समस्या से निपटने के लिए यातायात शाखा को विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। साथ ही महानदी से लगे संवेदनशील क्षेत्रों में संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए थाना प्रभारियों को स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के साथ समन्वय बनाकर राहत एवं बचाव की पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने को कहा गया।
प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को मिला तकनीकी प्रशिक्षण
बैठक में प्रशिक्षु उप निरीक्षकों के लिए विशेष कार्यशाला भी आयोजित की गई। डीएसपी सुशांतो बनर्जी ने केस स्टडी के माध्यम से विवेचना में होने वाली सामान्य त्रुटियों और वैज्ञानिक जांच पद्धति पर विस्तार से जानकारी दी। साथ ही सीसीटीएनएस सहित पुलिस की तकनीकी प्रणालियों में दक्षता बढ़ाने पर जोर दिया गया।















































