राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत बदली प्रवेश व्यवस्था
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने National Education Policy (NEP) के तहत स्कूली शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से पहली कक्षा में प्रवेश के लिए बच्चे की न्यूनतम उम्र 6 वर्ष अनिवार्य कर दी गई है। स्कूल शिक्षा विभाग ने इस संबंध में सभी सरकारी, निजी और अनुदान प्राप्त स्कूलों के लिए नई गाइडलाइन जारी कर दी है।
1 अप्रैल को आधार मानकर होगी उम्र की गणना
नई व्यवस्था के अनुसार बच्चों की आयु की गणना प्रत्येक वर्ष 1 अप्रैल को आधार मानकर की जाएगी। अब प्रवेश के लिए आयु सीमा इस प्रकार निर्धारित की गई है—
- नर्सरी: 3 से 4 वर्ष
- केजी-1: 4 से 5 वर्ष
- केजी-2: 5 से 6 वर्ष
- कक्षा 1: 6 से 7 वर्ष
तीन महीने तक मिलेगी विशेष छूट
सरकार ने कुछ मामलों में बच्चों को राहत भी दी है। यदि कोई बच्चा 1 जुलाई तक निर्धारित आयु पूरी कर लेता है, तो उसे तीन महीने की विशेष छूट देकर प्रवेश दिया जा सकेगा। यह नियम सरकारी, निजी, अनुदान प्राप्त स्कूलों के साथ-साथ शिक्षा का अधिकार (RTE) के तहत आरक्षित 25 प्रतिशत सीटों पर भी लागू होगा।
पहले से पढ़ रहे बच्चों को मिलेगी राहत
मान्यता प्राप्त प्री-प्राइमरी स्कूलों में पहले से अध्ययनरत और अगली कक्षा में प्रमोट होने वाले बच्चों को आयु सीमा में छूट दी जाएगी। प्रवेश के समय बच्चे की उम्र का निर्धारण टीसी, अंकसूची या स्कोर कार्ड जैसे दस्तावेजों के आधार पर किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ में अब 1 अप्रैल से शुरू होगा नया शिक्षा सत्र
राज्य सरकार ने शैक्षणिक सत्र में भी बदलाव किया है। अब तक छत्तीसगढ़ में स्कूल सत्र 16 जून से 30 अप्रैल तक संचालित होता था, लेकिन अब यह व्यवस्था बदलकर 1 अप्रैल से 31 मार्च तक कर दी गई है।
CBSE की तर्ज पर होगी नई व्यवस्था
नई व्यवस्था के तहत छत्तीसगढ़ में भी अब CBSE और अन्य केंद्रीय शिक्षा बोर्डों की तरह अप्रैल से नया शैक्षणिक सत्र शुरू होगा। हालांकि विद्यार्थियों का ग्रीष्मकालीन अवकाश 1 मई से 15 जून तक पहले की तरह जारी रहेगा।















































