रायगढ़ में बारिश का कहर : चक्रपथ डूबा, शहर की यातायात व्यवस्था चरमराई, घंटों जाम में फंसे लोग

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केलो नदी में बनाए गए अस्थाई मार्ग का मलबा नहीं हटाने से बढ़ी परेशानी, चक्रधर नगर रेलवे क्रॉसिंग और जूट मिल रोड पर वाहनों का दबाव

रायगढ़। रविवार से हो रही लगातार बारिश ने सोमवार सुबह शहर की यातायात व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। केलो नदी में वैकल्पिक सड़क निर्माण के लिए डाले गए मिट्टी और मलबे को समय पर नहीं हटाने के कारण चक्रपथ जलमग्न हो गया। इसके चलते शहर के प्रमुख मार्गों पर वाहनों का दबाव बढ़ गया और लोगों को घंटों जाम की समस्या से जूझना पड़ा।

चक्रपथ डूबने से बढ़ी परेशानी

चक्रपथ को ऊंचा किए जाने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि भारी बारिश में भी यह मार्ग प्रभावित नहीं होगा, लेकिन सोमवार सुबह चक्रपथ पानी में डूबा नजर आया। लगातार बारिश के कारण केलो नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा, लेकिन चक्रपथ डूबने की मुख्य वजह नदी के बीच बनाए गए अस्थाई मार्ग का मलबा बताया जा रहा है।

वैकल्पिक सड़क का मलबा नहीं हटाने से बनी स्थिति

पुराने पुल के नीचे बॉक्स कल्वर्ट और अंडरब्रिज निर्माण के लिए केलो नदी के बीच से वैकल्पिक सड़क बनाई गई थी। इसके लिए बड़ी मात्रा में मिट्टी, मलबा और गिट्टी डाली गई थी। पुल से आवागमन शुरू होने के बाद इस अस्थाई मार्ग को हटाया जाना था, लेकिन समय पर मलबा नहीं हटने से नदी का पानी रुकने लगा और वह ऊपर से बहकर चक्रपथ की ओर पहुंच गया।

पानी का बहाव इतना तेज था कि वैकल्पिक मार्ग के करीब चार फीट ऊपर से पानी बहने लगा। रात में चक्रपथ के ऊपर करीब पांच फीट तक पानी पहुंच गया, जिसके बाद प्रशासन को मार्ग पर बैरिकेड लगाकर आवाजाही रोकनी पड़ी।

कयाघाट पुल डूबा, दूसरे मार्गों पर बढ़ा दबाव

कयाघाट क्षेत्र में पुल निर्माण के कारण नदी में डाले गए मलबे से रपटा पुल भी जलमग्न हो गया। इसके बाद पूरा यातायात दबाव जूट मिल रोड, शनि मंदिर तिराहा और चक्रधर नगर रेलवे क्रॉसिंग की ओर बढ़ गया।

स्कूल और प्लांट बसों से लगा लंबा जाम

चक्रपथ बंद होने के कारण सोमवार सुबह स्कूल बसों और औद्योगिक संस्थानों की बसों को वैकल्पिक मार्गों से गुजरना पड़ा। शनि मंदिर पुल के पास मोड़ पर बड़ी बसों के फंसने से जाम की स्थिति बन गई। वहीं चक्रधर नगर रेलवे क्रॉसिंग पर भी दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।

एनीकट की ऊंचाई बढ़ने से भविष्य में भी बढ़ सकती है समस्या

केलो नदी पर प्रस्तावित एनीकट की ऊंचाई बढ़ने के बाद चक्रपथ के प्रभावित होने की आशंका भी जताई जा रही है। शहर के दोनों हिस्सों को जोड़ने वाले मार्ग पहले से सीमित हैं। ऐसे में यदि दो प्रमुख रास्ते बंद होते हैं तो यातायात व्यवस्था पर बड़ा असर पड़ सकता है।

Amit sahu
Author: Amit sahu

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