अंबिकापुर (सरगुजा)। छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत करने वाला प्रसिद्ध रामगढ़ महोत्सव 2026 सोमवार से विश्व प्रसिद्ध रामगढ़ पर्वत की तलहटी में शुरू होने जा रहा है। यह दो दिवसीय भव्य आयोजन संस्कृति, परंपरा और लोक कला का अद्भुत संगम प्रस्तुत करेगा।
संस्कृति मंत्री करेंगे महोत्सव का शुभारंभ
छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित इस महोत्सव का उद्घाटन पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल करेंगे।
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक विधि-विधान और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ होगी।
मुख्यमंत्री पहली बार होंगे शामिल, 30 जून को समापन
महोत्सव के समापन समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
खास बात यह है कि मुख्यमंत्री पहली बार रामगढ़ महोत्सव में शिरकत करेंगे, जिससे इस आयोजन का महत्व और बढ़ गया है।
सीता बेंगरा गुफा के पास होगा आयोजन, कालिदास से जुड़ी मान्यता
यह महोत्सव हर वर्ष आषाढ़ माह के प्रथम दिवस पर रामगढ़ पर्वत के नीचे स्थित ऐतिहासिक सीता बेंगरा गुफा के समीप आयोजित किया जाता है।
मान्यता है कि इसी स्थान पर महाकवि कालिदास ने विश्व प्रसिद्ध महाकाव्य “मेघदूतम्” की रचना की थी।
इसी परंपरा के तहत यहां बादलों की पूजा भी की जाती है, जो प्रकृति, साहित्य और संस्कृति के अनूठे संगम को दर्शाती है।
रामलीला और लोक संस्कृति का रंगारंग मंचन
महोत्सव के पहले दिन पारंपरिक रामलीला का मंचन किया जाएगा।
इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के लोक कलाकार गीत-संगीत और नृत्य प्रस्तुतियों से पूरे वातावरण को सांस्कृतिक रंग में रंग देंगे।
बड़ी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने की संभावना
दो दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में श्रद्धालुओं, पर्यटकों और संस्कृति प्रेमियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति की संभावना है।
प्रशासन ने आयोजन को लेकर सभी तैयारियां पूर्ण कर ली हैं, जिसमें सुरक्षा, यातायात और सुविधाओं की विशेष व्यवस्था की गई है।
रामगढ़ महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की प्राचीन विरासत, साहित्यिक परंपरा और प्राकृतिक सौंदर्य का जीवंत उत्सव है। यह आयोजन राज्य की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक सशक्त बनाता है।















































