रायपुर। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत गर्भवती एवं शिशुवती माताओं के पंजीयन के लिए 15 जून से चल रहे विशेष अभियान में छत्तीसगढ़ ने ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
9 दिनों में 72% लक्ष्य पूरा, छत्तीसगढ़ का शानदार प्रदर्शन
राज्य ने अभियान के शुरुआती मात्र 9 दिनों में ही निर्धारित लक्ष्य का 72 प्रतिशत पूरा कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। यह प्रदर्शन न केवल राज्य की प्रशासनिक दक्षता को दर्शाता है, बल्कि जमीनी स्तर पर कार्यरत स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास तंत्र की सक्रियता को भी उजागर करता है।
यह विशेष अभियान 15 जुलाई तक जारी रहेगा, जिसमें अधिक से अधिक पात्र महिलाओं का पंजीयन सुनिश्चित किया जा रहा है।
मैदानी अमले और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका
इस उपलब्धि में महिला एवं बाल विकास विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, पर्यवेक्षकों, स्वास्थ्य कर्मियों और मैदानी अमले की संयुक्त मेहनत को प्रमुख कारण माना जा रहा है।
गांव-गांव और घर-घर जाकर पात्र महिलाओं का पंजीयन किया जा रहा है, जिससे लक्ष्य तेजी से पूरा हो रहा है।
राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि, केंद्र में भी सराहना
छत्तीसगढ़ का यह प्रदर्शन पूरे देश के लिए एक मॉडल के रूप में देखा जा रहा है। राज्य ने न केवल पंजीयन में बल्कि लाभार्थियों के प्री-रजिस्ट्रेशन और निराकरण में भी बेहतर प्रदर्शन किया है।
मुख्यमंत्री और मंत्री ने दी बधाई
इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सभी हितधारकों को बधाई दी है।
उन्होंने कहा कि यह सफलता राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम है।
वहीं महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने भी सभी टीमों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सामूहिक प्रयासों की बड़ी उपलब्धि है।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में छत्तीसगढ़ का देशभर में प्रथम स्थान हासिल करना राज्य की स्वास्थ्य और महिला कल्याण योजनाओं की मजबूत कार्यप्रणाली को दर्शाता है। यह उपलब्धि आने वाले समय में अन्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए भी प्रेरणा बनेगी।















































