केलो नदी प्रदूषण मामले में हाईकोर्ट सख्त, सिंगल यूज प्लास्टिक के स्रोत पर कार्रवाई के निर्देश

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रायगढ़। नगर निगम द्वारा केलो नदी की सफाई के लिए एक बार फिर चेन माउंटेन मशीनें लगाई गई हैं, लेकिन नदी में बढ़ते प्रदूषण की असली वजह घरेलू गंदा पानी और भारी मात्रा में जमा प्लास्टिक कचरा बताया जा रहा है। नदी के हर हिस्से में प्लास्टिक वेस्ट और काई का जमाव लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे पर्यावरणीय संकट गहराता जा रहा है।

इस मामले को लेकर दायर जनहित याचिका पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान सिंगल यूज प्लास्टिक और नॉन-बायोडिग्रेडेबल कचरे पर गंभीर सवाल उठाए गए। अदालत ने कहा कि केवल छोटे विक्रेताओं पर कार्रवाई कर जुर्माना वसूलना पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसके असली स्रोतों की पहचान जरूरी है।

छोटे दुकानदारों पर कार्रवाई पर सवाल, बड़े सप्लायरों की जांच पर जोर

याचिकाकर्ता नितिन सिंघवी ने अदालत में दलील दी कि कार्रवाई सिर्फ छोटे वेंडरों तक सीमित रहती है, जबकि सिंगल यूज प्लास्टिक का निर्माण और सप्लाई करने वाले बड़े नेटवर्क पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते। इस पर अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्लास्टिक के स्रोतों की पहचान कर निर्माताओं और बड़े सप्लायरों पर भी कानूनी कार्रवाई की जाए।

राज्य सरकार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को व्यापक अभियान के निर्देश

हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार और छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल को निर्देशित किया है कि पूरे राज्य में स्वच्छता और प्लास्टिक मुक्त अभियान चलाया जाए। इसके तहत सड़कें, बाजार, नालियां, जल स्रोत, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और ग्रामीण क्षेत्रों को सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त करने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।

साथ ही लोगों को जागरूक करने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के भी निर्देश दिए गए हैं। अदालत ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल कार्रवाई से नहीं बल्कि जनभागीदारी से संभव है।

नगर निगम ने की कार्रवाई, लेकिन निर्माण इकाइयों पर चुप्पी बरकरार

हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद नगर निगम रायगढ़ ने शहर के कई दुकानों में जांच कर जुर्माना वसूला है। हालांकि अब तक सिंगल यूज प्लास्टिक के निर्माण और सप्लाई चेन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

अगली सुनवाई में मुख्य सचिव से रिपोर्ट तलब

अदालत ने निर्देश दिया है कि अब तक की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट अगली सुनवाई में छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव द्वारा प्रस्तुत की

केलो नदी की स्थिति चिंताजनक

उल्लेखनीय है कि केलो नदी राज्य के सबसे अधिक प्रदूषित नदी खंडों में से एक मानी जाती है। यहां घरेलू सीवेज, नालों और स्लम बस्तियों का कचरा सीधे नदी में जा रहा है। कई स्थानों पर लगाए गए जाल और स्क्रीन प्लास्टिक कचरे से भर चुके हैं, लेकिन नियमित सफाई व्यवस्था न होने से स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।

Amit sahu
Author: Amit sahu

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