सक्ती में बड़ी कार्रवाई: डीएमएफ (DMF) सड़क निर्माण में भारी अनियमितता उजागर, ग्राम पंचायत सचिव लीला कमलेश निलंबित—कागजों में खेल का खुलासा

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कलेक्टर (Collector) के निर्देश पर जिला पंचायत की सख्त जांच, सीसी रोड निर्माण (CC Road Construction) में मिली गंभीर लापरवाही

सक्ती। कलेक्टर Amrit Vikas Topno के निर्देशन में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत सक्ती Vasu Jain द्वारा जनपद पंचायत जैजैपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत पिसौद में जिला खनिज न्यास संस्थान (DMF) से स्वीकृत सीसी रोड निर्माण (CC Road Construction) कार्य की जांच की गई। जांच में कार्य की गुणवत्ता बेहद निम्न पाई गई और गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।

निरीक्षण (inspection) में खुली पोल—निर्माण कार्य में लापरवाही और तकनीकी निर्देशों का उल्लंघन

10 अप्रैल 2026 को किए गए स्थल निरीक्षण (inspection) में पाया गया कि सड़क निर्माण कार्य में तकनीकी और प्रशासनिक स्वीकृति के निर्देशों का पालन नहीं किया गया। कार्य में लापरवाही और मनमानी बरती गई, जिससे सड़क की गुणवत्ता प्रभावित हुई और कई जगह से सड़क उखड़ने लगी।

जांच में बड़ा खुलासा—गुणवत्ता प्रमाण पत्र (quality certificate) फर्जी तरीके से तैयार होने की आशंका

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि निर्माण कार्य से जुड़ा गुणवत्ता प्रमाण पत्र (quality certificate), जो कि गुण नियंत्रण उप इकाई, केंद्रीय प्रयोगशाला सक्ती द्वारा 6 नवंबर 2025 को जारी बताया गया था, संदिग्ध और कूट रचित तरीके से तैयार पाया गया। इससे शासकीय राशि के दुरुपयोग (misuse of government funds) की आशंका भी जताई गई है।

सचिव (Secretary) लीला कमलेश का जवाब असंतोषजनक, उच्च अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना का आरोप

मामले में ग्राम पंचायत सचिव लीला कमलेश को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। उनके जवाब को असंतोषजनक पाया गया। जांच में यह निष्कर्ष निकला कि उन्होंने शासकीय कार्यों में लापरवाही (negligence), अनुशासनहीनता और उच्च अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना की है।

छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा नियम (Panchayat Service Rules) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबन

प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम 1999 के तहत सचिव लीला कमलेश को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जनपद पंचायत जैजैपुर, जिला सक्ती निर्धारित किया गया है और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।


 

Amit sahu
Author: Amit sahu

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