रायगढ़, 17 जून। जिले में फरार आरोपियों और वारंटियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन क्लीन हंट अभियान के तहत कोतवाली पुलिस को मार्च माह में हुई लूट की वारदात के खुलासे में बड़ी सफलता मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन और सीएसपी मयंक मिश्रा के सुपरविजन में पुलिस ने लूट में शामिल दो आरोपियों सहित लूटा गया मोबाइल कम कीमत पर खरीदने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
रात में रोककर की गई थी लूट
प्रार्थी सुमित सिकदार (35) ने 17 मार्च को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह 16 मार्च की रात करीब 11:30 बजे उर्दना तिराहा के पास से लौट रहा था, तभी काले रंग की पल्सर बाइक पर सवार तीन युवकों ने उसे रोककर मारपीट की और ₹7,000 नकद व पोको कंपनी का मोबाइल लूटकर फरार हो गए।
तकनीकी साक्ष्य से खुला राज
पुलिस जांच में लूटे गए मोबाइल के उपयोग में होने की जानकारी मिलने पर तकनीकी जांच की गई, जिसमें आदित्य चौधरी (21) को पकड़ा गया। पूछताछ में उसने यह मोबाइल आशु बरेठ से मात्र ₹800 में खरीदना स्वीकार किया।
इसके बाद पुलिस ने आशु बरेठ (19) को हिरासत में लिया, जिसने अपने साथियों श्याम बरेठ और आशीष महंत के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की।
लूट की पूरी योजना का खुलासा
आरोपियों ने बताया कि उन्होंने उर्दना तिराहा-रामपुर मार्ग स्थित यादव होटल के पास सुनसान जगह पर पीड़ित को रोककर पैसे की मांग की और विरोध करने पर मारपीट कर लूट की घटना को अंजाम दिया।
पुलिस ने मेमोरण्डम के आधार पर वारदात में प्रयुक्त काले रंग की पल्सर बाइक भी जब्त की है।
मोबाइल खरीदने वाले पर भी कार्रवाई
लूटा गया मोबाइल कम कीमत पर खरीदने और उपयोग करने के आरोप में आदित्य चौधरी के खिलाफ धारा 317(1) बीएनएस भी जोड़ी गई है।
तीन आरोपी न्यायिक रिमांड पर
पुलिस ने आशु बरेठ, श्याम बरेठ और आदित्य चौधरी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। वहीं एक अन्य आरोपी आशीष महंत पहले से ही जेल में बंद है।
पुलिस ने कहा है कि ऐसे मामलों में लूट और चोरी के साथ-साथ चोरी का सामान खरीदने वालों पर भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।















































