छत्तीसगढ़ में 20 अप्रैल से 15 जून तक समर वेकेशन: चढ़ता पारा और बढ़ती गर्मी को देख सीएम ने दिए निर्देश

SHARE:

रायपुर: पूरे छत्तीसगढ़ में इन दिनों आसमान से आग बरस रही है. पारा लगातार ऊपर चढ़ता जा रहा है. ऐसे में कई जिलों में लू का असर भी देखा जा रहा है. आसमान से बरसती आग और लू के असर को देखते हुए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर बड़ा फैसला लेते हुए स्कूलों के ग्रीष्मकालीन अवकाश को तय तारीख से पहले लागू कर दिया गया है. अब प्रदेशभर के स्कूल 20 अप्रैल से 15 जून तक बंद रहेंगे, ताकि भीषण गर्मी के बीच बच्चों को राहत मिल सके.

तपिश बढ़ी तो सरकार ने बढ़ाया सुरक्षा कवच

प्रदेश में लगातार बढ़ते तापमान और लू के असर ने बच्चों की सेहत को लेकर चिंता बढ़ा दी थी. दोपहर की चिलचिलाती धूप में स्कूल आना-जाना छोटे बच्चों के लिए जोखिम बन रहा था. ऐसे में सरकार ने समय रहते फैसला लेकर बच्चों के लिए सुरक्षा कवच तैयार किया है.

सीएम का साफ संदेश, बच्चों की सेहत पहली प्राथमिकता

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि भीषण गर्मी और लू के प्रभाव को देखते हुए बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. इसी सोच के साथ सरकार ने पहले से तय तारीख का इंतजार किए बिना छुट्टियों का ऐलान कर दिया.

20 अप्रैल से 15 जून तक रहेगा अवकाश

सरकार के फैसले के बाद अब सभी सरकारी और निजी स्कूलों में 20 अप्रैल से 15 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश रहेगा. यानी हीटवेव के सबसे खतरनाक दौर में बच्चों को स्कूल जाने की जरूरत नहीं होगी. इससे अभिभावकों को भी बड़ी राहत मिलेगी.

राहत की छुट्टी, जिम्मेदारी भी साथ

गर्मी की छुट्टियों के दौरान बच्चों को धूप और डिहाइड्रेशन से बचाना अभिभावकों की भी जिम्मेदारी होगी. डॉक्टर भी सलाह दे रहे हैं कि बच्चे घर में रहें, पर्याप्त पानी पीएं और दोपहर में बाहर निकलने से बचें. हीटवेव के बढ़ते खतरे के बीच सरकार का यह फैसला राहत भरा जरूर है,लेकिन यह बढ़ती गर्मी की गंभीरता का भी संकेत हैं. फिलहाल बच्चों को स्कूल से राहत मिली है और अभिभावकों ने भी इस फैसले का स्वागत किया है.

जानिए लू लगने के लक्षण

  • लू लगने पर बढ़ जाता है शरीर का तापमान
  • जरूरत से ज्यादा लगती है प्यास
  • यूरिन कम आना, सिर दर्द, चक्कर, उल्टी, कमजोरी और बदन दर्द इसके मुख्य लक्षण
  • आंखों के नीचे कालापन, भूख कम लगना, आंखों के सामने अंधेरा छाना और बेहोशी तक की स्थिति बन जाती है कई बार

इन बातों का रखना चाहिए ध्यान

  • तेज धूप में निकलने से बचें
  • बाहर जाते वक्त सिर को ढकना न भूलें
  • घर से खाली पेट नहीं निकलें
  • पानी और फल खाते रहें
  • धूप चश्मे का इस्तेमाल करें
  • बुजुर्गों और बच्चों को धूप से बचाएं

मरीज का ऐसे रखें ध्यान

  • यदि किसी में लू के लक्षण दिखाई दें, तो उसे तुरंत छायादार और ठंडी जगह पर ले जाएं
  • मरीज को ओआरएस (ORS) घोल पिलाएं और शरीर को ठंडे पानी से पोछें
  • प्राथमिक उपचार के रूप में ठंडे पानी की पट्टियां लगाना और शरीर पर पानी का छिड़काव करना लाभदायक
  • कच्चे आम का पना, जलजीरा या अन्य तरल पदार्थ देना चाहिए
  • मरीज को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाना चाहिए
  • घर पर ओआरएस का पैकेट जरूर रखें
Amit sahu
Author: Amit sahu

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई