रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक भीमसिंह कंवर ने स्पष्ट किया है कि राज्य के घरेलू उपभोक्ताओं को मिलने वाली हाफ बिजली बिल योजना का लाभ नए टैरिफ लागू होने के बाद भी जारी रहेगा। जिन उपभोक्ताओं की खपत 400 यूनिट तक है और 200 यूनिट पर हाफ बिल की सुविधा मिलती है, यह पहले की तरह लागू रहेगी।
नए टैरिफ में भी राहत, मामूली बढ़ोतरी का असर
भीमसिंह कंवर ने बताया कि नए टैरिफ के बाद घरेलू उपभोक्ताओं पर औसतन 15 से 20 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी का असर पड़ेगा। हालांकि उन्होंने कहा कि यह दरें अभी भी झारखंड, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र की तुलना में कम हैं।
बिजली बिल समय पर नहीं देने पर नया नियम
अब बिजली बिल का भुगतान देरी से करने पर प्रति दिन के हिसाब से अधिभार (सरचार्ज) लगाया जाएगा। वर्तमान में यह 1.5% प्रति माह था, जिसे बदलकर 0.04% प्रति दिन कर दिया गया है। यानी जितनी देरी होगी, उतनी ही अवधि का अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
ऊर्जा प्रभार पर 20 पैसे की छूट
नई व्यवस्था के तहत जिन उपभोक्ताओं का स्वीकृत भार 10 किलोवाट से अधिक है, उन्हें ऑफ-पीक समय (सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक) बिजली उपयोग करने पर 20 पैसे प्रति यूनिट की छूट मिलेगी।
हॉस्टल और विद्यार्थियों को बड़ी राहत
बस्तर और सरगुजा क्षेत्रों में स्थित विद्यार्थियों के हॉस्टल (सरकारी व निजी दोनों) को अब व्यावसायिक श्रेणी से हटाकर घरेलू श्रेणी में शामिल किया गया है, जिससे उन्हें सीधा फायदा मिलेगा।
सोलर योजना से जीरो बिल का विकल्प
अधिकारियों ने बताया कि उपभोक्ता पीएम सूर्यघर योजना के तहत सोलर प्लांट लगाकर अपनी खपत 400 यूनिट के भीतर सीमित कर सकते हैं, जिससे कई उपभोक्ताओं का बिजली बिल शून्य भी हो सकता है।















































