रायपुर\सक्ती: वेदांता पावर प्लांट हादसे में सक्ती पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है. वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज हुई है. जांच में प्रथम दृष्टया प्लांट प्रबंधन की लापरवाही सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन ने ये कार्रवाई की है.
प्लांट प्रबंधन की लापरवाही, वेदांता ग्रुप के चेयरमैन पर FIR
सक्ती एसपी प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि जांच में प्लांट प्रबंधन की लापरवाही सामने आने के बाद डबरा थाने में बीएनएस की अलग अलग धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है. मामले की जांच जारी है.
प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि मामले में कई जांच रिपोर्ट अपेक्षित है. औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा जांच, एफएसएल रिपोर्ट के साथ ही टेक्नीकल टीम की रिपोर्ट के बाद मामले में और भी धाराएं जोड़ी जाएगी. मामले में कंपनी प्रबंधन और सभी जिम्मेदारों पर एफआईआर दर्ज की गई है. 8 से 10 लोगों पर नामजद एफआईआर की गई है, जो भी संलिप्त पाया जाएगा, उनका भी नाम जोड़ा जाएगा. बीएनएस की 106, 289, 3, 5 के तहत अपराध दर्ज किया गया है.
एसपी ने बताया कि वेदांता पावर प्लांट ब्लास्ट में 20 लोगों की मौत हुई है. 15 लोगों का अलग अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है. मृतकों के पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को शव सौंप दिए गए हैं. पीएम रिपोर्ट आना अभी शेष है.
प्लांट प्रबंधन की लापरवाही से हुई घटना: उद्योग मंत्री
गुरुवार को उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन सक्ती पहुंचे. यहां उन्होंने वेदांता पावर प्लांट में घटना स्थल का निरीक्षण किया. उद्योग मंत्री ने कहा कि लापरवाही की वजह से ब्लास्ट की बड़ी घटना हुई. दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी.
वेदांता पावर प्लांट ब्लास्ट
मंगलवार 14 अप्रैल को सक्ती के सिंघीतराई स्थित वेदांता लिमिटेड छत्तीसगढ़ पावर प्लांट के अंदर बॉयलर में ब्लास्ट हो गया. जिस समय ब्लास्ट हुआ उस दौरान कई कर्मचारी और मजदूर काम कर रहे थे. 35 लोग ब्लास्ट की चपेट में आ गए, जिनमें 20 लोगों की मौत हो गई. 15 गंभीर रूप से झुलसे हैं जिनका इलाज चल रहा है. कंपनी की ओर से सभी मृतक परिवार को 35-35 लाख और एक सदस्य को नौकरी देने का वादा किया गया है. सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख और घायलों को 50 हजार की सहायता राशि दी जा रही है. पीएम राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख और घायलों को 50 हजार दिए जा रहे हैं.















































