सक्ती में 152वीं महाआरती बनी आस्था का महासंगम, “हिंदुत्व जागरण की सशक्त पहल” बताकर अधिवक्ता चितरंजय पटेल का बड़ा बयान

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हनुमान मंदिर में 152वीं महाआरती बनी श्रद्धा और भक्ति का विराट संगम, दूर-दूर से पहुंचे श्रद्धालु

सक्ती के श्री सिद्ध हनुमान मंदिर में आयोजित 152वीं महाआरती भक्ति, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का विशाल केंद्र बनकर उभरी। इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और हनुमान लला के दिव्य दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया।


उत्तराखंड से आए पंडित राजू भट्ट ने महाआरती की सराहना, बताया सौभाग्य का अवसर

कार्यक्रम में विशेष रूप से पहुंचे उत्तराखंड के पंडित राजू भट्ट ने महाआरती की भव्यता और आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि हनुमान लला की कृपा से इस पावन आयोजन में शामिल होने का अवसर मिला, जो उनके लिए अत्यंत सौभाग्य की बात है। उन्होंने मंदिर परिवार के प्रयासों की सराहना करते हुए साधुवाद प्रकट किया।


“हिंदुत्व जागरण की दिशा में मजबूत कदम” – अधिवक्ता चितरंजय पटेल का बयान

उच्च न्यायालय के अधिवक्ता चितरंजय पटेल ने महाआरती को हिंदुत्व जागरण की दिशा में एक सशक्त और प्रभावी पहल बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करते हैं और युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं।


दिव्य श्रृंगार और विधि-विधान से संपन्न हुई आरती, महिलाओं की सक्रिय भागीदारी रही खास

मंदिर के पुजारी ओमप्रकाश वैष्णव ने हनुमान लला का दिव्य श्रृंगार कर विधि-विधान से पूजन एवं आरती संपन्न कराई। दीप प्रज्ज्वलन में संध्या ओम वैष्णव, सुनीता अमित तंबोली और चमेली संतोष देवांगन सहित मंदिर परिवार की महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को और भी गरिमामय बना दिया। कार्यक्रम का संचालन कोंडके मौर्य ने किया, जबकि फोटोग्राफी की जिम्मेदारी अमित तंबोली ने निभाई।


501 नारियल का भोग और सुंदरकांड पाठ से गूंजा मंदिर परिसर, भक्तों में दिखा उत्साह

महाआरती के दौरान मंदिर परिवार द्वारा 501 नारियल का विशेष भोग अर्पित किया गया। प्रसाद व्यवस्था में यातायात थाना सक्ती सहित स्थानीय श्रद्धालुओं ने योगदान दिया। वहीं, सुंदरकांड पाठ गीतेश कुमार पांडे, आदित्य अग्रवाल, एकांश बरेठ सहित अन्य भक्तों द्वारा किया गया, जिससे मंदिर परिसर में भक्ति की धारा प्रवाहित होती रही।


यूट्यूब लाइव प्रसारण से घर बैठे श्रद्धालुओं को मिला दर्शन का लाभ

आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए महाआरती का लाइव प्रसारण “हनुमान यू-ट्यूब चैनल” के माध्यम से किया गया, जिससे दूर-दराज के श्रद्धालु भी इस धार्मिक आयोजन का सीधा दर्शन कर सके। यह पहल डिजिटल माध्यम से आस्था को जोड़ने का सफल प्रयास साबित हो रही है।


सामाजिक समरसता और धार्मिक एकता का प्रतीक बना महाआरती आयोजन

पूरे आयोजन में सामाजिक समरसता, धार्मिक एकता और सामूहिक सहभागिता की झलक स्पष्ट रूप से देखने को मिली। महाआरती केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का माध्यम बनकर सामने आई।

 

Amit sahu
Author: Amit sahu

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