रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने सुशासन और जवाबदेह प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 का शुभारंभ कर दिया है। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में हेल्पलाइन का शुभारंभ करते हुए इसके आधिकारिक लोगो का भी विमोचन किया। इस अवसर पर मंत्रिपरिषद के सदस्य और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
जनता की शिकायतों के समाधान के लिए बना सशक्त मंच
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की समस्याओं को सुनना और उनका समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि सुशासन तिहार 2026 के दौरान प्राप्त शिकायतों, सुझावों और जनप्रतिसाद के आधार पर एक स्थायी एवं प्रभावी जनसंपर्क तंत्र की आवश्यकता महसूस हुई, जिसके परिणामस्वरूप CM हेल्पलाइन 1076 विकसित की गई।
टोल फ्री नंबर 1076 पर दर्ज होगी शिकायत
अब प्रदेशवासी टोल फ्री नंबर 1076 पर कॉल कर अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे, सुझाव दे सकेंगे तथा शासन की योजनाओं और सेवाओं के संबंध में फीडबैक भी साझा कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह व्यवस्था शासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने के साथ पारदर्शिता और जवाबदेही को भी नई मजबूती देगी।
व्हाट्सएप से भी जुड़ी हेल्पलाइन
डिजिटल युग की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए हेल्पलाइन को व्हाट्सएप प्लेटफॉर्म से भी जोड़ा गया है। इसके माध्यम से नागरिक मोबाइल फोन से ही अपनी समस्याएं और सुझाव सीधे सरकार तक पहुंचा सकेंगे।
42 विभाग और 8 हजार अधिकारी होंगे जुड़े
मुख्यमंत्री ने बताया कि हेल्पलाइन प्रणाली से राज्य शासन के 42 विभागों के लगभग 8 हजार अधिकारी जुड़े हुए हैं। कुल 1195 श्रेणियों में निर्धारित समय-सीमा के भीतर शिकायतों के निराकरण की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक शिकायत को एक यूनिक आईडी प्रदान की जाएगी, जिससे आवेदक अपनी शिकायत की स्थिति ऑनलाइन ट्रैक कर सकेगा।
समाधान से असंतुष्ट होने पर होगी पुनः जांच
यदि शिकायतकर्ता प्राप्त समाधान से संतुष्ट नहीं होता है तो संबंधित शिकायत स्वतः उच्च अधिकारियों के पास पुनः परीक्षण और जांच के लिए भेजी जाएगी। इससे शिकायतों के सतही निराकरण पर रोक लगेगी और अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
24 घंटे सक्रिय रहेगी सेवा
CM हेल्पलाइन सप्ताह के सातों दिन और 24 घंटे संचालित होगी। इसके संचालन के लिए तीन शिफ्टों में कर्मचारियों की तैनाती की गई है। सचिव स्तर के अधिकारी डैशबोर्ड के माध्यम से नियमित निगरानी करेंगे, जबकि मुख्यमंत्री सचिवालय भी इसकी सतत मॉनिटरिंग करेगा।
जनभागीदारी को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हेल्पलाइन केवल शिकायत निवारण का माध्यम नहीं, बल्कि जनभागीदारी को मजबूत करने का एक प्रभावी मंच भी है। नागरिक राज्य के विकास से जुड़े अपने सुझाव भी साझा कर सकेंगे, जिससे नीति निर्माण और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में सहायता मिलेगी।















































